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प्रद्युम्न मर्डर: पिता ने कहा- आरोपी 11वीं के छात्र को जल्द फांसी दो

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 8 , 2017 , 19:36 IST | गुरुग्राम

रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए स्टूडेंट प्रद्युम्न ठाकुर के मर्डर के लिए आरोपी कंडक्टर की पत्नी ने स्कूल मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया। पत्नी ने दावा किया है कि पुलिस ने झूठा केस बनाकर पति को फंसाया, वो बेगुनाह है।

इस केस में दो महीने बाद बुधवार को नया मोड़ आया, जब सीबीआई ने बताया कि स्कूल के 11वीं के एक स्टूडेंट को गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई के मुताबिक, आरोपी स्टूडेंट ने पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) और एग्जाम टालने के लिए मर्डर किया था। इसके पहले हरियाणा पुलिस ने स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को मर्डर केस का मुख्य आरोपी बनाया था।

Condcter wife

पुलिस ने पति को झूठे केस में फंसाया- कंडक्टर की पत्नी

आरोपी की पत्नी ममता ने कहा, ''पति ने कुछ गलत नहीं किया। पुलिस ने मारपीट कर अशोक को आरोपी बनाया। झूठा केस बनाकर उसे फंसाया है। सीबीआई की जांच सही है। मैं जेल में पति से मिली थी तो उन्होंने बताया कि वो बेगुनाह हैं। स्कूल मैनेजमेंट ही पूरी तरह से घटना के लिए जिम्मेदार है।''
उन्होंने कहा कि पति के जेल जाने के बाद बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे नहीं थे। मैं स्कूल गई और हाथ जोड़कर गुहार लगाई। तब स्कूल मालिक ने दोनों बच्चों को मुफ्त पढ़ाने की बात कही।

इस बार रो-रोकर दिवाली मनाई

ममता ने बताया कि उन्होंने रो-रोकर इस बार दिवाली मनाई। पति के जेल जाने पर ननद ने घर का खर्च उठाया। गांववालों ने हमारी मदद की। उन सभी का मानना है कि अशोक ऐसी हरकत नहीं कर सकता। दूसरी ओर, गुड़गांव पुलिस की जांच पर सवाल उठने पर गांववालों में गुस्सा है। उनका कहना है कि अशोक बेगुनाह है, उसने आज तक कोई क्राइम नहीं किया। पुलिस ने चाकू दिखाकर उसे फंसाया है।

प्रद्युम्न के पिता ने कहा- हत्यारे को जल्द फांसी दो

प्रद्युम्न की फैमिली ने कहा, ''हमें शक है कि इस मामले में कोई गहरी साजिश थी और पिंटो फैमिली भी इसका हिस्सा थी। आरोपी स्टूडेंट को फांसी की सजा मिले।'' उधर, जांच एजेंसी ने इस स्टूडेंट को जुवेनाइल कोर्ट में पेश करके छह दिन की कस्टडी मांगी। बता दें कि प्रद्युम्न का मर्डर 8 सितंबर को हुआ था। हरियाणा पुलिस ने स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को मर्डर केस का मुख्य आरोपी बनाया था।

पिंटो फैमिली के भी साजिश में मिले होना का शक: वकील

प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर और वकील सुशील टेकरीवाल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वकील ने कहा- ''हमने सीबीआई से जल्द चार्जशीट दाखिल करने की मांग की है।आशंका है कि इस मामले में कोई गहरी साजिश हो। पिंटो परिवार भी इस साजिश का हिस्सा हो सकता है।

पिता ने कहा, ''सीबीआई ने जो आज खुलासा किया है। उन्होंने जो वजह बताई है, एक बच्चे के लिए ये जुर्म करने की वजह हो सकती है। बच्चा बहुत लंबे समय से स्कूल में था और स्कूल में जो कमियां थीं, उसका फायदा उठाकर वो जुर्म कर सकता था।
आज सबके सामने साबित हो गया है कि पुलिस जो जांच कर रही थी, उसके अलावा कुछ और निकला। सीबीआई से यही मांग करना चाहेंगे कि वो जांच करे और जिनकी लापरवाही की वजह से ये घटना हुई है, वो सामने आए। उनके खिलाफ चार्जेज फ्रेम किए जाएं और सख्त सजा दी जाए, ताकि बच्चों के खिलाफ हो रहे क्राइम रुक सकें।''

आरोपी स्टूडेंट को फांसी पर लटकाना चाहिए

पिता ने कहा, ''बच्चे के एंगल से देखें तो वह पढ़ाई में कमजोर था और उसे टीचर्स और पेरेंट्स के सामने फेस करना पड़ता होगा। उसे ये भी पता होगा कि कहां वो क्राइम करे, जहां बचने की गुंजाइश ज्यादा हो। पुलिस की थ्योरी के बाद उसे भरोसा हो गया था कि अब वो बच गया है, लेकिन नहीं पता था कि केस की जांच सीबीआई करेगी। आरोपी को एडल्ट की तरह ट्रीट किया जाए और फांसी पर लटकाना चाहिए।''

सीबीआई ने कहा- मर्डर के पीछे कंडक्टर का कोई रोल नहीं है

सीबीआई ने ऑफ द कैमरा बयान देते हुए कहा है कि परीक्षा टालने और पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) टालने के लिए 11वीं के स्टूडेंट ने हत्या की। जांच एजेंसी ने उस थ्योरी को नकारा नहीं है, जिसमें कंडक्टर को आरोपी बनाया गया था। जांच एजेंसी ने कंडक्टर को क्लीन चिट नहीं दी है। सीबीआई ने साइंटिफिक एविडेंस के आधार पर आरोपी स्टूडेंट को रात 11.20 पर हिरासत में लिया।

 


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