नेशनल

CBI का प्रद्युम्न केस में बड़ा खुलासा, कहा- पुलिस ने सबूतों से की छेड़छाड़

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
63
| नवंबर 13 , 2017 , 13:42 IST | नई दिल्ली

रायन इंटरनैशनल स्कूल के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या के मामले में सीबीआई जांच से हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं।इस कड़ी में CBI ने एक और बड़ा खुलासा किया है। CBI सूत्रों के मुताबिक, जांच में पता चला है कि गुरुग्राम पुलिस ने प्रद्युम्न मर्डर केस में सबूतों के साथ छेड़छाड़ की थी।

इतना ही नहीं, पुलिस ने सुबूत मिटाने की भी कोशिश की थी। हरियाणा पुलिस पर पहली बार इस मामले में इतने संगीन आरोप लगे हैं। इससे पहले पुलिस बस कंडक्टर अशोक को आरोपी बनाने में भी घिरी हुई है।

इस मामले में प्रद्युम्न मर्डर केस की जांच से जुड़े SIT के चार पुलिसवालों की भूमिका भी जांच के घेरे में हैं, सभी पुलिसवालों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है और डिपार्मेंटल जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं।

सीबीआई जांच में ये पता चला है कि जल्द से जल्द केस सुलझाने के चक्कर में गुरुग्राम पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक कुमार को आरोपी बना दिया था। यही नहीं उसके पास से हथियार पाए जाने का भी दावा किया।

सीबीआई की टीम गुरुग्राम के चार पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर रही है। इन चार पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि इन्‍होंने प्रद्युम्‍न की हत्‍या के मामले में स्‍कूल बस कंडक्‍टर को अपराध में फंसाने के लिए झूठे साक्ष्‍य गढ़े थे।

प्रद्युम्न मर्डर केस की जांच में लापरवाही और सबूतों से छेड़छाड़ की शिकायत सीबीआई हरियाणा के डीजीपी को चिट्ठी भी लिख सकती है। ऐसे में गुड़गांव पुलिस के अफसरों पर कार्रवाई भी हो सकती है।

शक के घेरे में आए कुछ पुलिसवालों के कॉल रिकॉर्ड की जांच हो रही है। उनके खिलाफ डिपार्टमेंटल एक्शन लिया जा सकता है। बता दें कि रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर प्रद्युम्न (7 साल) की हत्या कर दी गई थी। सीबीआई ने इस मामले में स्कूल के 11th क्लास के स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है।

शनिवार को जुवेनाइल कोर्ट (किशोर अदालत) में आरोपी छात्र की पेशी के बाद उसके पिता ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी के अफसरों ने उनके बेटे के साथ बेहद क्रूर बर्ताव किया। कहा कि उनके बेटे को उलटा लटाकाकर पीटा गया। हालांकि सीबीआई ने सभी आरोपों को खारिज किया है। आरोपी छात्र के पिता ने कहा, 'मेरे बेटे को प्रताड़ित किया गया। उसे उलटा लटकाकर पीटा गया। मेरा बेटा निर्दोष है। क्या आप यह सोच सकते हैं कि 11वीं का छात्र किसी का मर्डर करने के बाद इतने दिनों तक सामान्य व्यवहार कर सकता है।?'

प्रद्युम्न मर्डर केस में आरोपी छात्र के पिता ने कहा, 'स्कूल के पीटीएम में सभी टीचरों ने उनके बेटे की काफी तारीफ की थी, मेरा बेटा पढ़ने में काफी अच्छा है, उसकी मार्कशीट सारी कहानी बयां कर रही है।' उन्होंने ये बातें सीबीआई की उस दलील को झुठलाने के लिए कही, जिसमें कहा गया है कि आरोपी छात्र पढ़ने में काफी कमजोर था और परीक्षा की डेट बढ़वाने के लिए उसने प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या कर दी थी।

सूत्रों ने बताया कि किशोर अदालत ने एक स्वतंत्र कल्याण अधिकारी की नियुक्ति की है ताकि जांच और गिरफ्तार छात्र से पूछताछ की निगरानी की जा सके। उन्होंने कहा कि अधिकारी पूछताछ सत्र और आरोपी को किसी स्थान पर ले जाने के दौरान उपस्थित रहता है।

क्या था मामला-

गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को 7 साल के बच्चे का मर्डर कर दिया गया था। बॉडी टॉयलेट में मिली थी। इस मामले में पुलिस ने स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को अरेस्ट किया था। आरोपी 8 महीने पहले ही स्कूल में कंडक्टर की नौकरी पर लगा था। अशोक ने मीडिया को बताया था, ''मेरी बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी। मैं बच्चों के टॉयलेट में था। वहां गलत काम कर रहा था। तभी वह बच्चा आ गया। उसने मुझे देख लिया। मैंने उसे पहले देखा धक्का दिया। फिर खींच लिया। वह शोर मचाने लगा तो मैं डर गया। फिर मैंने उसे दो बार चाकू से मारा। उसका गला रेत दिया।'' बाद में सीबीआई ने जांच की। इसके बाद 11वीं के स्टूडेंट को इस मर्डर केस में आरोपी बनाया गया।


कमेंट करें