राजनीति

RSS कोई आतंकी संगठन नहीं, कार्यक्रम में प्रणब के जाने पर हैरानी क्यों: गडकरी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 29 , 2018 , 18:48 IST

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आरएसएस के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बनकर जाएंगे, इस खबर के सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर हर कोई सकते में है। दरअसल सोनिया गांधी और राहुल गांधी मौजूदा समय में देश में नहीं है, ऐसे में उनकी अनुपस्थिति में कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने इनकार किया है और वह इसपर बोलने से पूरी तरह से कतरा रहे हैं।

एक तरफ कांग्रेस के कई नेता इससे हैरान हैं तो वहीं आरएसएस ने इस मुद्दे पर बयानबाजी को गलत बताया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी कहा है कि आरएसएस कोई पाकिस्तानी संगठन नहीं है जो लोगों को आपत्ति होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "जब मैं भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना था तो कम्युनिस्ट पार्टी के मुख्यालय गया था। यहां नागपुर के एबी बर्धन रहते थे, जिन्हें मैं राजनीतिक गुरु मानता था। उनसे आशीर्वाद लेने गया था। ये व्यक्तिगत था।

लगातार हो रही बयानबाजी पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भी बयान आया है। RSS की ओर से कहा गया है कि जो लोग संघ को जानते हैं उनके लिए ये कोई चौंकाने वाली बात नहीं हैं। हमने अपने कार्यक्रमों में पहले भी देश के बड़े लोगों को बुलाया है, इसी प्रकार इस बार हमने प्रणब मुखर्जी को बुलाया है और ये उनका बड़प्पन है कि उन्होंने हमारा न्यौता स्वीकार भी कर लिया है।

 

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने मंगलवार को ही कहा, "कांग्रेस नेता होने के नाते प्रणब दा ने कई बार आरएसएस के बारे में बात की। उनकी नजर में आरएसएस से घटिया और गंदी संस्था देश में कोई नहीं है। उन्होंने संस्था के भ्रष्टाचार के बारे में बताया। उनका कहना था कि इसे देश से बाहर फेंकना चाहिए। आरएसएस अगर ऐसी विचारधारा के अतिथि को बुला रहा है, इसका मतलब वह अब उनके विचारों से सहमत हो गया है।"

राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि प्रणब मुखर्जी रिटायर हो गए हैं, वे पहले कांग्रेस में रहे हैं, लेकिन क्या वे बदल नहीं सकते। ऐसा नहीं है। परिस्थितियां बदल जाती हैं। क्या जवाहर लाल नेहरू ने गणतंत्र दिवस में आरएसएस की एक टोली भेजने को नहीं कहा था? लाल बहादुर शास्त्री ने भी ऐसा किया था। मोरबी में बाढ़ और भूकंप में जो आरएसएस ने काम किया उसकी तारीफ इंदिरा गांधी ने की थी।

गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 7 जून को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नागपुर मुख्यालय जाएंगे। वह संघ शिक्षा वर्ग के तृतीय वर्ष में शामिल हो रहे स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक वह नागपुर में दो दिन रहेंगे और 8 जून को वापस लौटेंगे। संघ शिक्षा वर्ग के शिविर समापन समारोह में मुखर्जी शामिल होंगे। वह इस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे. इस शिविर में करीब 700 स्वयंसेवक शामिल हो रहे हैं।


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