मनोरंजन

इस 15 अगस्त ड्रग्स के चंगुल से पाएं आज़ादी, पढ़ें प्रतीक बब्बर की कहानी

आरती यादव, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
217
| अगस्त 15 , 2017 , 15:33 IST | मुंबई

आज स्वतंत्रता दिवस पर हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे एक्टर की जिन्होनें खुद को ड्रग्स की लत से आजाद कराया। हम बात कर रहे हैं राज बब्बर और स्मिता पाटील के बेटे प्रतीक बब्बर की। प्रतीक बब्बर बॉलीवुड का जाना पहचाना नाम और चेहरा है। प्रतीक ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत फिल्म जाने तू... या जाने न से की थी। प्रतीक को जितनी सर्खिया अपनी एक्टिंग को लेकर नही मिलीं उससे कहीं ज्यादा चर्चा में अपने ड्रग की लत की वज़ह से आए।प्रतीक बब्बर ने अखबार मिड-डे से अपने ड्रग्स एडिक्शन को लेकर खुल कर बात की 

ड्रग एडिक्ट कैसे बने प्रतीक?

बतौर प्रतीक - ड्रग्स के साथ मेरे संघर्ष की कहानी हाई स्कूल से पहले शुरू हुई थी। हालांकि, खेल और संगीत से कुछ राहत मिली थी। मेरी सबसे पहली ड्रग मेरा डिस्टर्ब बचपन था। मेरे दिमाग में आवाज गूंजती थी कि मैं कौन हूं और कहां से आया हूं, लेकिन ड्रग एक छलावे के रूप सामने आई, सिर्फ पल भर के लिए राहत दे देती थी। साल गुजरते गए और मेरा परिचय नारकोटिक की अंधेरी दुनिया से हुआ। इस तरह 13 साल की उम्र में मैंने पहली बार ड्रग्स लेना शुरू किया।

Prateik-party

मुश्किल दिन थे वो - 

बतौर प्रतीक- बचपन में मैं इंट्रोवर्ट था और अक्सर लोगों से सामाजिक मेल-जोल से दूर रहता था। जब मेरा सामना ड्रग्स से हुआ तो मुझे लगा कि मुझे मेरी परेशानियों का समाधान मिल गया लेकिन खेल और संगीत की तरह यह भी कुछ समय के लिए ही राहत देता था। जैसे ही नशा खत्म होता था, सब गायब हो जाता था। मैं रात के समय ड्रग्स नहीं लेता था, जैसे पार्टी में जाने वाले लोग लेते हैं। मैं दिन के समय में ड्रग्स लेता था ताकि पूरा दिन शांति से निकल जाए। यह मुझे मेरे अस्तित्व के लिए चाहिए था।

Prateik-party-b

फर्स्ट इयर में प्रतीक को लगी ड्रग्स की लत 

बतौर प्रतीक- मैं कॉलेज के फर्स्ट इयर में था और उस समय मेरे सीनियर्स ने मुझे एसिड, कोकेन और एक्सटेसी जैसी ड्रग्स के बारे में बताया। पहले यह गोलियां मैं कभी-कभार लिया करता था लेकिन जल्द ही यह मेरी हर वक्त की साथी बन गईं। मैं यह नहीं कहूंगा कि ड्रग्स के इफेक्ट्स को लेकर मैं परिचित नहीं था, परिचित तो था लेकिन मैं इसके लिए तैयार नहीं था। नशा उतरने के बाद इसके लक्षण बहुत खराब होते थे। मेरा बेड से उठ पाना मुश्किल होता था। हर सुबह उल्टी जैसा लगता था। शरीर में दर्द होता था। ऐसे समय में मुझे जो ड्रग मिल जाया करती थी मैं उस ड्रग को ले लेता था।

Prateik-party-c

ऐसे हुआ गलती का एहसास 

मैं बेवकूफ था, जो मैं सोचता था कि ड्रग्स से मुझे वो सब चीज मिल जाएंगी जिसे मैंने खोया था। मैं सोचता था कि मुझे इससे लव और एक्सेप्टेंस मिल जाएगा, लेकिन जैसे ही नशा हवा होता, तो यह सब खराब फैसले के तौर पर मेरे सामने आता। ड्रग्स मेरे लिए केवल एक रात का सहारा नहीं था बल्कि इसकी अति हो रही थी। यह धीरे-धीरे बढ़ती जा रही थी।

08Prateikstall

ऐसे लड़ी ड्रग्स छोड़ने की जंग लड़ी

बतौर प्रतीक- अपनी जिंदगी के इन सब पहलुओं के बारे में बताने का मेरा एक ही उद्देश्य है कि इससे जुड़ी किसी भी गलत बात को नकार सकूं। मुझे लगता था कि यह अब सारी जिंदगी मेरा साथ नहीं छोड़ेगी लेकिन मैं सभी ड्रग्स एडिक्ट्स को बताना चाहता हूं कि सबके लिए मदद मौजूद है। मैं यह नहीं कहूंगा कि ऐसा करना आसान है लेकिन यह उस जिंदगी से आसान है जो आपको हर पल तबाही की ओर ले जा रही है। आज मुझे ड्रग्स छोड़े हुए 1 साल हो गया है। अब मेरी प्राथमिकताएं बदल गई हैं। पहले मैं सोचता था कि मैं अपनी पूरी जिंदगी संयमित कैसे रहूंगा लेकिन आज में संयमित हूं और यही मेरे लिए काफी है।


कमेंट करें