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राकेश सिन्हा, सोनल मानसिंह समेत ये 4 चेहरे हुए राज्यसभा के लिए मनोनीत, देखें प्रोफाइल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 1
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| जुलाई 14 , 2018 , 14:19 IST

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने राज्यसभा में चार जानीमानी हस्तियों को मनोनीत किया है। राज्यसभा के नए चेहरों में किसान नेता राम शकल, लेखक और संघ विचारक राकेश सिन्हा, मूर्तिकार रघुनाथ महापात्रा और क्लासिकल डांसर सोनल मानसिंह का नाम शामिल है।  खास बात यह है कि इस बार फिल्म या खेल जगत से किसी भी हस्ती को राज्यसभा नहीं भेजा गया है।

चारों हस्तियां चार अलग-अलग राज्यों से हैं और ये अपने-अपने क्षेत्र में काफी मशहूर हैं। 2019 के चुनावों को लेकर इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राम शकल उत्तर प्रदेश से आते हैं। इन्होंने दलित समुदाय में काफी काम किया है। वहीं, राकेश सिन्हा संघ के विचारक हैं। वह टीवी चैनलों पर बीजेपी का पक्ष रखते हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय में असोसिएट प्रफेसर भी हैं। सोनल मानसिंह देश की विख्यात डांसर हैं। रघुनाथ महापात्रा ने जगन्नाथ मंदिर से संबंधित महत्वपूर्ण काम किया है। वह उड़ीसा से आते हैं।

माना जा रहा है कि इस फैसले से सरकार ने दलित समुदाय को साधने की कोशिश की है। राष्ट्रपति ने ऐसे समय में चार सदस्यों को मनोनीत किया है जब राज्यसभा में उपसभापति का चुनाव होना है। ऐसे में चार सदस्यों के मनोनीत होने से सरकार के संख्याबल में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।


कौन क्या, औऱ कहां से हैं

1. राम शकल (समाज सेवी)

राम शकल उत्तर प्रदेश किसान नेता हैं। गोरखपुर विश्वविद्यालय से उन्होने एमए किया है। इन्होंने दलित समुदाय के उत्थान के लिए काफी काम किया है। इनकी छवि किसानों, श्रमिकों और प्रवासियों के हितों की बात करनेवाले किसान नेता की है। चार दशकों से यह तहसील, जिला और राज्य स्तर पर काम कर रहे हैं। रॉबर्ट्सगंज (यूपी) से वह तीन बार सांसद भी रहे हैं। श्रमिक और कल्याण, ऊर्जा, कृषि, पेट्रोलियम और नैचुरल गैस से संबंधित संसद की समितियों के सदस्य भी रहे हैं।

2. राकेश सिन्हा

राकेश सिन्हा साहित्यकार हैं और (शिक्षाविद और लेखक) बिहार से तालुक्क रखते हैं। राकेश सिन्हा ने पीएचडी कोटा विश्वविद्यालय और एमफिल दिल्ली विश्वविद्यालय से किया है। यह जानेमाने लेखक और दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक कॉलेज में असोसिएट प्रफेसर हैं। यह दिल्ली स्थित थिंक टैंक इंडिया पॉलिसी फाउंडेशन (IPF) के संस्थापक और मानद निदेशक हैं। इस समय इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च के बोर्ड मेंबर हैं। वह पहले हिंदी सलाहकार समिति और फिल्म सर्टिफिकेश अपीलेट ट्राइब्यूनल के सदस्य भी रहे हैं। वह कई अखबारों में नियमित लेख लिखते हैं और टीवी चैनलों पर बीजेपी और संघ का पक्ष रखते हैं। इन्होंने कई पुस्तकें भी लिखी हैं, जिसमें हेडगेवार की जीवनी भी शामिल है। इन्हें केंद्रीय हिंदी संस्थान की ओर से दीनदयाल उपाध्याय अवॉर्ड भी मिल चुका है।

3. रघुनाथ महापात्रा

रघुनाथ महापात्रा मूर्तिकार हैं और ओडिशा से हैं। पत्थरों को आकार देने की उनकी खूबी के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन्हें शिल्प गुरु कहा जाता है। प्राचीन मूर्तियों और स्मारकों के संरक्षण की दिशा में इन्होंने महत्वपूर्ण कार्य किया है। पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर की सुंदरता में भी इन्होंने अहम भूमिका निभाई। 1959 से इस क्षेत्र में सक्रिय रघुनाथ अब तक 2000 से ज्यादा स्टूडेंट्स को प्रशिक्षित कर चुके हैं।

4. सोनल मानसिंह 

सोनल मानसिंह का जन्म ३० अप्रैल, १९४४ को हुआ था। वो एक भारतीय शास्त्रीय नर्तक हैं। सोनल मानसिंह का जन्म मुंबई में हुआ, तीन बच्चों में से तीन अरविंद और पूर्णिमा पाकवास, गुजरात के एक प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और २००४ में पद्म विभूषण विजेता थे। उनके दादा एक स्वतंत्रता सेनानी मंगल दास पाकवास थे, और भारत के पहले पांच गवर्नरों में से एक था।।


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