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GST इफेक्ट: MRP स्टिकर नहीं लगाया तो जाना पड़ेगा जेल

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 8 , 2017 , 15:25 IST | नई दिल्ली

मैन्युफैक्चरर्स हो जाएं सतर्क क्योंकि जीएसटी लागू होने के बाद अब सरकार की नज़र में वो उत्पादक आने वाले हैं जो बिना एमआरपी स्टीकर के बिजनेस करते आ रहे थे।

जीएसटी लागू होने के बाद भी अगर प्नोडक्ट पर नई एमआरपी का स्टिकर नहीं लगा है तो प्रोडक्ट बनाने वालों को जेल की सजा के साथ साथ 1 लाख रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने मैन्युफैक्चरर्स को यह हिदायत दी है कि वो एमआरपी स्टीकर के साथ ही बिजनेस करें।

 

पुराने स्टॉक की एमआरपी के संसोधन पर उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने नए नियम जारी किए हैं। 1 जुलाई से पहले तैयार किए गए किसी भी माल पर संशोधित एमआरपी लिखनी होगी यह बात मंत्रालय के हवाले से कही गयी।

मंत्री रामविलास पासवान ने बताया कि नए नियमों का पालन न करने पर मैन्युफैक्चरर्स को पहली बार 25,000 रुपये, दूसरी बार 50,000 रुपये और तीसरी बार एक लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा साथ ही साथ जेल भी हो सकती है।

गौरतलब है की सरकार ने मैन्युफैक्चरर्स को पुराने स्टॉक को खत्म करने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया है। मैन्युफैक्चरर्स से कहा गया है कि वे बचे हुए माल पर पुरानी कीमत के बराबर में ही संशोधित एमआरपी के स्टिकर लगाएं जिससे ग्राहकों को जीएसटी के बाद एमआरपी में होने वाले बदलाव के बारे में पता चले । मंत्रालय ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को हल करने के लिए एक समिति बनाई है। साथ ही हेल्पलाइन की संख्या को 14 से बढ़ाकर 60 कर दिया गया है। उपभोक्ता हेल्पलाइन के जरिए 700 से अधिक सवाल मिले हैं और मंत्रालय ने वित्त विभाग से इसके समाधान के लिए विशेषज्ञों की मदद मांगी है।


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