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पंजाब का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर 'विक्की गौंडर' की पुलिस एनकाउंटर में मौत

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| जनवरी 27 , 2018 , 16:44 IST

पंजाब के मोस्ट वांटेड गैंगेस्टर विक्की गौंडर उर्फ हरजिंदर सिंह को दो अन्य गैंगस्टर के साथ शुक्रवार को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। बता दें उसके ऊपर 10 लाख रूपये का ईनाम रखा गया था। मात्र 28 साल की उम्र में ही पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की पुलिस को 15 हत्या के केस में गौंडर की तलाश थी। 

जानकारी के लिए बता दें मुक्तसर के सरवन बोडला गांव का रहनेवाला गौंडर सबसे पहले तो फिरोजपुर के हिस्ट्री शीटर जयपाल सिंह के साथ जुड़ा था लेकिन जब सिंह गायब हो गया तो उसके बाद गौंडर का नाम सामने आया। विक्की गौंडर और उसके गैंग ने उस वक्त अपने विरोधी गैंगस्टर जालंधर के करतारपुर के रहने वाले सुखा कहलवान को मौत के घाट उतार दिया।

जब उसे 2015 के जनवरी में जालंधर में कोर्ट की सुनवाई के बाद वापस नाभा जेल लाया जा रहा था। विक्की गौंडर की ये गुस्ताखी तो हर किसी ने देखी जिसमें उसने कहलवान को मारने की फिल्म बनायी और उसके बाद फगवारा में बंदूक की नोक पर पुलिसवालों को बंधक बनाकर उसकी बॉडी के सामने डांस किया।

बता दें गौंडर को 2015 के दिसंबर में कहलवान को मारने के जुर्म में रोपड़ से गिरफ्तार किया गया लेकिन साल 2016 के नवंबर मे विक्की गौंडर नाभा जेल से फरार हो गया। जिसके बाद पंजाब पुलिस को इस बात की खुफिया जानकारी मिली थी कि वह नाभा जेलब्रेक के बाद जम्मू कश्मीर के कट्टरपंथी समूहों के संपर्क में था।

बता दें जब भी पुलिस को उसके छुपे होने की जानकारी मिलती वो हर बार फरार हो जाता था। उसने अपना ठिकाना पंजाब के जालंधर, मोगा, मनसा, गुरदासपुर के साथ ही राजस्थान के श्रीगंगा नगर और हरियाणा के यमुनानगर को बना रखा था।इतना ही नहीं दिसंबर 2016 और फिर 2017 के फरवरी में मनसा में पुलिस से गौंडर सामना भी हुई थी।

पुलिस को यह ख़बर मिली कि वह एक मोगा में एक एनआरआई के घर में छुपा हुआ है लेकिन पुलिस के पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही वहां से फरार हो गया। 2017 के अप्रैल में गुरदासपुर में विरोधी गैंग के तीन सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया और पंजाब के माझा क्षेत्र में पूरी तरह से सक्रिय हो गया।

एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (एडीजीपी), इंटेलिजेंस, दिनकर गुप्ता ने बताया कि गौंडर के मूवमेंट को लेकर लगातार पुलिस पीछा कर रही थी। जानकारी के लिए बता दें शुक्रवार को पुलिस को इस बात की गुप्त जानकारी मिली कि गौंडर अन्य गैंगस्टर प्रेमा लहोरिया के साथ पंजाब-राजस्थान बॉर्डर पर छिपा हुआ है। दिनकर गुप्ता ने कहा- “हम पिछले कई महीनों से उसके पीछे पड़े थे।

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उसकी जानकारी मिलने के बाद हमने रेड की गौंडर, लाहोरिया और तीसरे गैंगस्टर सुखप्रीत सिंह पुलिस दल पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। जिसके जवाब में पुलिस की तरफ से भी फायरिंग शुरू हो गई जिसमें तीनों गैंगस्टर मारे गए। गौंडर और लाहोरिया मौके पर ही मारे गए जबकि सुखप्रीत अबोहर के सिविल अस्पताल में दम तोड़ दिया।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं

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