राजनीति

राहुल गांधी बोले, तमाशा कर बिना तैयारी सरकार लागू कर रही GST

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 30 , 2017 , 18:41 IST | नयी दिल्ली

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को शुरू करने के लिए शुक्रवार आधी रात होने वाले कार्यक्रम को 'खुद के प्रचार का तमाशा' करार दिया है और कहा कि देश भर में एक कर व्यवस्था को मूर्खतापूर्ण तरीके से लाया जा रहा है और इसका क्रियान्वयन एक 'अयोग्य तथा असंवेदनशील सरकार' कर रही है। राहुल ने ट्वीट किया,

एक सुधार, जिसमें काफी सारी संभावनाएं थीं, उसे मूर्खतापूर्ण तरीके से और तमाशे के साथ लाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "भारत में जीएसटी की जरूरत है, लेकिन उससे देश के करोड़ों आम लोगों, छोटे व्यापारियों को परेशानी व दर्द नहीं होनी चाहिए।" राहुल ने कहा, "नोटबंदी से अलग, जीएसटी वह सुधार है, जिसे लाने का श्रेय कांग्रेस को है और वह शुरुआत से इसका समर्थन करती रही है।"

राहल गांधी ने कहा, "लेकिन नोटबंदी की तरह ही, जीएसटी का क्रियान्वयन एक अयोग्य तथा असंवेदनशील सरकार द्वारा किया जा रहा है, वह भी बिना किसी योजनाबद्ध दूरदर्शिता और संस्थानिक तैयारी के।"

उधर, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आश्वस्त किया कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था का क्रियान्वयन 'बेहद सुचारू' तरीके से होगा, साथ ही उन्होंने वादा किया कि प्रशासन बेहद उदारता बरतेगा और पहले दो महीने तक इसके क्रियान्वयन में किसी तरह की कड़ाई नहीं की जाएगी। उन्होंने हालांकि यह स्वीकार किया कि व्यापक बदलाव में थोड़ी बहुत परेशानी होगी और कहा कि समय के साथ चीजें आसान हो जाएंगी। 

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वित्त मंत्री ने कहा, "मुझे लगता है कि जीएसटी का क्रियान्वयन जितना संभव हो सकेगा, उतने सुचारू रूप से किया जाएगा। जब व्यापक बदलाव होता है, तो एक अज्ञात अनिश्चितता का तत्व होता है और चीजें जब अज्ञात होती हैं, तो डर भी होता है। पूरी प्रक्रिया बदलेगी। कुछ मामूली दिक्कतें पेश आएंगी..मुझे लगता है कि यह कुछ ही दिनों की बात है।"

उन्होंने कहा, "पहले दो महीने तक हम बेहद उदारता से पेश आएंगे। दो महीनों के लिए हमने कई तरह की छूट दी है, क्योंकि हम नई व्यवस्था में प्रवेश करने जा रहे हैं।" जेटली ने कहा, "जागरूकता की कमी के कारण खामियां हो सकती हैं। किसी भी तकनीक में खामी संभव है। लेकिन खामियों को तत्काल दूर कर लिया जाना चाहिए।"


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