राजनीति

राहुल ने सूरत में कहा- हमारी नीतियों में भी थी कुछ कमियां, लेकिन अब सोच बदल गई है

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 8 , 2017 , 20:30 IST | सूरत

राहुल गांधी ने सूरत में हीरा व्यापारियों को संबोधित करते एक बड़ा बयान दिया है। राहुल ने स्वीकारा है कि कांग्रेस की नीतियों में भी खामियां थी। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस की आर्थिक नीतियां भी बड़े इंडस्ट्रलियस्ट और देश के बड़े बिजनेस घरानों पर फोकस करके बनाई जाती थी। उन्होंने कहा कि हमें छोटे व्यापारियों पर भी ध्यान देना चाहिए था। उन्होंने कहा है कि अब मेरे सोच में बदलाव आया है।

बता दें कि राहुल गांधी गुजरात चुनाव प्रचार अभियान के तहत नवसृजन यात्रा के लिए गुजरात के दौरे पर हैं।

हीरा व्यापारियों के दुख-दर्द को जाना

नोटबंदी की पहली सालगिरह के मौके पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी व्यापारियों का हाल जानने गुजरात के सूरत पहुंचे। राहुल ने यहां व्यापारियों से मुलाकात की और नोटबंदी तथा जीएसटी को लेकर उनकी शिकायतें सुनीं। व्यापारियों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार की नीतियों पर जमकर वार किया. राहुल गांधी ने कहा कि अगर मोदी सरकार बड़े उद्योगपतियों पर किए गए खर्च का 15 फीसदी भी सूरत में लगाती तो तस्वीर कुछ और ही होती।

'जब ठान लेता हूं तो पीछे नहीं हटता'

राहुल ने यहां कारोबारियों के बीच भरोसा जगाने की भी भरपूर कोशिश की। उन्होंने कहा कि मैं मोदी के तरह बड़ा वक्ता तो नहीं लेकिन मैं जो वादा पूरा कर सकता हूं वही करता हूं। एक बार जब मैं कुछ ठान लेता हूं तो फिर पीछे नहीं हटता।

अमेरिका में भी भाषण के दौरान राहुल ने कांग्रेस की गलतियों को स्वीकारा था

गौरतलब है कि इससे पहले भी राहुल ने अमेरिका में बर्कले यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित करते कांग्रेस की गलती को सार्वजनिक रुप से मंच से स्वीकारा था। उन्होंने माना था कि साल 2012 के आसपास कांग्रेस दंभ में चूर थी, इसलिए काफी नुकसान उठाना पड़ा। बता दें कि राहुल की मां सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष हैं और जिस कालखंड की वह बात कर रहे हैं, उस दौरान सोनिया की पार्टी पर मजबूत पकड़ थी। हालांकि इसके बाद धीरे-धीरे राहुल गांधी का कद पार्टी में बढ़ा है। उन्होने कहा, इसके बाद पार्टी को पुनर्निर्माण की जरूरत है।

कांग्रेस के दिग्‍गज नेताओं ने गलतियां की थीं। 2012 में एक निश्चित दंभ पार्टी में आ गया था और हमने जनता के साथ बातचीत करनी बंद कर दी थी। इसके बाद हमें पार्टी का पुनर्निर्माण करने की आवश्‍यकता थी, हमें एक ऐसा विजन तैयार करने की जरूरत है जो हमें आगे बढ़ने में मदद करे। देखिए, भाजपा इस समय जो कुछ भी कर रही है, वो सब हम पहले ही कह चुके हैं, जैसे कि मनरेगा और जीएसटी।


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