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अब ट्रेन में खाने की सुविधा होगी वैकल्पिक, यात्रियों के चाहने पर ही मिलेगा खाना

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 27 , 2017 , 20:27 IST | नई दिल्ली

इन दिनों रेलवे के अच्छे दिन नहीं चल रहे हैं। आए दिन रेलवे की कोई न कोई शिकायत सुनने को मिलती है। हाल में आई कैग रिपोर्ट के बाद रेलवे का खाना से यात्री डर रहे हैं। लेकिन कई ट्रेनों में खाने का पैसा टिकट में ही कट जाता है। ऐसे में अगर यात्री खाना नहीं लेता है तो उसका नुकसान हो जाता है। बुधवार को रेलवे ने कई ट्रेनों में वैकल्पिक कैटरिंग की सेवा शुरू कर दी है।

रेलवे ने कैटरिंग को फिलहाल 31 प्रीमियम ट्रेनों में वैकल्पिक बनाया है। इन 31 प्रीमियम ट्रेनों में 7 राजधानी, 6 शताब्दी और दूरंतो शामिल हैं। फिलहाल रेलवे की तरफ से उन 31 प्रीमियम ट्रेनों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया गया है। इस सेवा के तहत यात्रियों से टिकट बुकिंग के समय ही खाने के बारे में पूछा जाएगा। अगर आप ट्रेन में खाना लेना चाहते हैं तो ही आपको इसके पैसे देने होंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि इन ट्रेनों की टिकटें सस्ती हो जाएंगी, क्योंकि आपके लिए खाने के पैसे देना वैकल्पिक कर दिया जाएगा। पहले इन ट्रेनों में टिकट के साथ ही कैटरिंग के पैसे भी काट लिए जाते थे।

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रेलवे ने घोषणा करते हुए कहा है कि अब आपको ट्रेन टिकट खरीदते समय खाने के पैसे देना जरूरी नहीं होगा। यह नया नियम 26 जुलाई से प्रभावी हो चुका है। इसका फायदा सबसे अधिक उन लोगों को होगा, जिन्हें ट्रेन का खाना पसंद नहीं आता था और वह उसका पैसा नहीं देना चाहते थे। अब आप टिकट बुक करते समय चाहें तो खाने का पैसा दें या चाहें तो खाने को टिकट से हटा दें, आपकी मर्जी।

कैटरिंग सेवा को बेहतर बनाने के लिए आईआरसीटीसी यात्रियों से उनके फीडबैक लेगी। इसके अलावा, भारतीय रेलवे के तहत चल रहे 100 किचन को आईआरसीटीसी को दे दिया जाएगा और साथ ही 20 नए मॉडर्न किचन भी खोले जाएंगे। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि आईआरसीटी के ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दी जा सकें।

गौरतलब है कि बुधवार को यूपी के चंदौली में एक रेल यात्री के खाने में छिपकली निकलने का मामला सामने आया। पूर्वा एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक यात्री ने ट्विटर पर रेल मंत्री से इस बात की शिकायत की। वही खाने में छिपकली मिलने की शिकायत करने वाले यात्री ने बताया कि उसने टीटीई और कैंटीन मैनेजर से शिकायत की, उसके बाद रेल मंत्री को ट्वीट किया। शिकायत के बाद संबंधित ठेकेदार का ठेका निरस्त कर दिया गया है। बता दें पिछले तीन सालों में शिकायत के कारण हर साल केवल तीन ठेके ही रद्द किए गए हैं।


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