नेशनल

भारी विरोध के बाद झुकीं वसुंधरा, भ्रष्ट नेताओं-अफसरों को बचाने वाला अध्यादेश लिया वापस

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
377
| फरवरी 20 , 2018 , 14:34 IST

वसुंधरा राजे सरकार ने जजों और लोक सेवकों को भ्रष्टाचार की जांच से बचाने वाला अध्यादेश वापस ले लिया है। राज्य सरकार ने इस अध्यादेश को वापस लेने की घोषणा की है। विधानसभा में बजट पर बहस के दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा,

बिल को हमने सलेक्ट (प्रवर) समिति को रेफर कर दिया। हमने ही अध्यादेश को लैप्स होने दिया। जब कानून ही नहीं बना तो हम क्या वापस लें। जो भी हो...हम सलेक्ट कमेटी से इसे वापस ले रहे हैं।'

बीते अक्टूबर महीने में लाए गए इस अध्यादेश में राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के बगैर मौजूदा और पूर्व जजों, मजिस्ट्रेटों और लोक सेवकों के खिलाफ जांच करने पर पाबंदी लगाई गई थी। यह रोक छह महीने तक के लिए थी। इसमें यह भी कहा गया था कि इस रोक के दौरान सरकार की मंजूरी के बगैर संबंधित लोकसेवक के खिलाफ कुछ भी प्रकाशित करना भी अपराध होगा और इसके लिए दो साल तक की कैद की सज़ा हो सकती है। भाजपा के कई विधायकों ने भी इस अध्यादेश की आलोचना की थी। इससे बैकफुट पर आई सरकार ने इसे प्रवर समिति को भेज दिया था।

Vasundhara_Raje-EPS

बिल वापस लिए जाने पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा,

यह बहुत पहले किया जाना चाहिए था। मैं हैरान हूं कि राज्य और देश में बिल का विरोध होने के बावजूद सरकार इसपर लंबे वक्त तक अड़ी रही। मैं खुश हूं कि बिल वापस ले लिया गया है लेकिन इसने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया है और भाजपा सरकार का घमंड दिखाया है।


कमेंट करें