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काली गोली देकर सेवादारों को नपुंसक बनता था राम रहीम, ऐसे हुआ ख़ुलासा

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 28 , 2017 , 17:20 IST | नई दिल्ली

राम रहीम की गिरफ्तारी और अदालत से दोषी ठहराए जाने के बाद राम रहीम का कुकर्मी चेहरा समाज के सामने धीरे धीरे आ रहा है। अब राम रहीम के ही एक सेवादार हंसराज ने बाबा राम रहीम को लेकर बड़ा खुलासा किया है। हंसराज ने कहा है कि डेरा के भीतर पुरुषों को नपुंसक बनाता था राम रहीम। सेवादार हंसराज ने कहा राम रहीम धोखे से अपने कई सेवादार को नपुंसक बना चुका है।

हंसराज ने धोखे से नपुंसक बनाए जाने के मामले को लेकर हाईकोर्ट में अपनी याचिका भी दी है। जिसपर 25 अक्टूबर को सुनवाई होगी। हंसराज चौहान की याचिका में यह भी बताया था कि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में आरोपी निर्मल और कुलदीप भी डेरा सच्चा सौदा के नपुंसक साधु हैं। जेल में बंद डेरा के साधुओं ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे नपुंसक है, लेकिन वे अपनी मर्जी से बने हैं। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।

काली गोली देकर बनाया जाता है नपुंसक

सेवादार हंसराज ने कहा कि राम रहीम शुरुआत में कुछ दिनों तक उसे एक काली गोली देता रहा। इसके बाद उसका ब्रेन वॉश किया गया फिर बहला फुसलाकर ऑपरेशन करवाकर उसे नपुंसक बना दिया गया। हंसराज को 17 साल पहले नपुंसक बनाया गया। एक टीवी चैनल पर उन्होंने राम रहीम के बारे में कई चौकानेवाले खुलासे किये।

 हंसराज के मुताबिक राम रहीम 16-17 साल में ही अपने सेवादारों को नपुंसक बना देता है। जिसके बाद उन्हें वो अपने हरम की सुरक्षा में लगाता है। राम रहीम का ये वही हरम है जिसे लोग गुफा के नाम से जानते हैं। बताया जाता है वहां हर वक्त राम रहीम की देखभाल करने के लिए 200 से ज्यादा सेविकाएं मौजूद रहती हैं।

हंसराज ने कहा राम रहीम ने धोखे से अपने 400 सेवादारों को नपुंसक बनाया है। उन्होंने कहा उन्हें नपुंसक बनाए जान के बाद सेवादारों को एक नया नाम दिया जाता है। जिसमें उन्हें ब्रह्मचारी सेवादार के नाम से पुकारा जाता है। हंसराज भी 15 साल की उम्र में डेरा से जुड़े थे। जिसके बाद 17 साल की उम्र में उन्हें नपुंसक बना दिया गया। उन्हें 2000 में नपुंसक बनाया गया था।अक्‍टूबर 2000 की एक रात उन्‍हें ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। जहां उन्‍हें कोल्डड्रिंक दी गई, जिसे पीते ही वे बेहोश हो गए। दो दिनों बाद जब उन्हें होश आया तो एहसास हुआ कि उनके दोनों Testicles ऑपरेशन कर निकाल लिए गए थे और उस हिस्‍से पर पट्टी बंधी हुई थी। बाद में उसका हॉर्मोन बैलेंस बिगड़ गया और वह नामर्दी का शिकार हो गया। बता दें मेडिकल जांच में हंसराज की नामर्दी की बात कंफर्म हो चुकी है।

क्यों बनाते हैं नपुंसक ?

समाजशास्त्री प्रोफेसर इम्तियाज अहमद कहते हैं कि आज के मार्डन बाबा अपने भक्तों को गुलाम बनाए रखने के मकसद से नपुंसक बनाते हैं। ताकि वह मानसिक रूप के साथ-साथ शारीरिक रूप से भी उनका गुलाम बना रहे। नुपंसक बनाने की पीछे वजह ये भी है कि इंसान की सारी ख्वाहिश ही खत्म कर दी जाए, जिससे वो अपने परिवार, घर, खानदान सब को त्याग कर उनका गुलाम बना रहे। नपुंसक बनाकर उनकी मनोस्थिति पर धार्मिक अडंबर के जरिए कब्जा करना है।

प्रोफेसर इम्तियाज कहते हैं कि जो भक्ती का सिद्धांत है। इस परम्परा में भक्त गुरु के सामने समर्पण होकर उसकी भक्ती में लीन हो जाता है। लेकिन आज के दौर के मार्डन बाबाओं ने भक्ती के सिद्धांत को पूरी तरह से बदल दिया है। इन्होंने धर्म का गलत इस्तेमाल करके और अपने भक्तों को गुलाम बनाकर रखते हैं और उनका मानसिक-शारीरिक शोषण करते हैं। यही वजह कि आज के ज्यादातर बाबाओं पर यौन शोषण के मामले सामने आ रहे हैं।

आसाराम बापू पर भी सेवादारों को नपुंसक बनाने का आरोप-

उन्होंने कहा कि आसाराम अपनी मर्दाना क्षमता बढ़ाने के लिए दवाए खाता था, तो दूसरी तरफ अपने सेवादारों को नपुंसक बनाता। इसके पीछे ये वजह ये थी कि उसकी शहंशाहियत को कोई दूसरा चुनौती न दे सके। इसी मद्दे नजर वो सभी हथकंडे अपनाए जाते हैं , जिससे भक्त पूरी जिंदगी उसका दास बनकर उनकी गुलामी करता रहे हैं और उनके हर गलत सही काम पर खामोश रहे हैं।


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