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रमजान 2017: पहला रोजा 28 मई को, रहमतों और बरकतों का महीना है रमजान

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 27 , 2017 , 13:03 IST | लखनऊ

इस साल रमजान के महीने की शुरुआत 28 मई से होगी। लखनऊ में खालिद फिरंगी महली ने कहा कि अभी तक रमजान का चांद नहीं देखा गया है, लिए पहला रोजा 28 मई को होगा। रमजान के पाक महीने में रोजे रखने वाले मुस्लिमों के लिए विशेष हेल्पलाइन शुरू की जा रही है।

महिलाओं के लिए रमजान में जारी किए गए Whatsapp नंबर

मजलिस-ए-उलेमा-ए-हिंद की ओर शुरू की जा रही इस हेल्पलाइन पर रमजान के दौरान कोई भी समस्या आने पर फोन से सूचना देकर उसका निस्तारण कराया जा सकेगा। मजलिस-ए-उलेमा-ए-हिंद के कार्यालय प्रभारी ने कहा कि महिलाओं के लिए जो हेल्पलाइन तीन वर्षों से जारी है, उस पर ज्यादातर महिलाएं व्हाट्स एप के द्वारा प्रश्न पूछती हैं, इसलिए इस बार भी यही प्रक्रिया जारी रहेगी।

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महिलाएं 08896150234 व्हाट्स एप नंबर पर अपने सवाल भेज सकती हैं। उन्होंने बताया कि रोजेदार कार्यालय में 10:30 से शाम 05:00 के बीच अपने सवाल पूछ सकते हैं। पुरुषों के लिए 09451096580 और 09452901404 दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए जा रहे हैं।

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पवित्र महीना है रमजान

इस्लाम धर्म में रमजान को सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस पवित्र महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं। रमजान के महीने में सूर्योदय से लेकर सूर्योस्त तक रोजा रखा जाता है, इस दौरान कुछ भी खाया-पिया नहीं जाता है।

पूरे महीने रात में विशेष नमाज अदा की जाती है, जिसे तरावीह कहते हैं। रोजे को अरबी भाषा में सोम कहा जाता है। इसका मतलब होता है रुकना। रोजे चांद दिखने से शुरु होते हैं, जिस शाम को चांद दिखाई देता है, उसकी अगली सुबह से रोजे शुरू हो जाते हैं।

मुस्लिम धर्म में रोजा रखना अनिवार्य माना जाता है। लेकिन कुछ लोगों को छूट भी मिलती है। जैसे की बीमार, दूध पिलाने वाली महिला और अबोध बच्चों तो इस माह में रोजा रखने की छूट दी जाती है। लेकिन बाद में वो किसी दूसरे महीने में रोजा रख सकते हैं।

रोजा रखने से मिलती है बरकत

रमजान के महीने में रोजा रखने के पीछे तर्क दिया जाता है कि इस दौरान व्यक्ति अपनी बुरी आदतों से दूर रहने के साथ-साथ खुद पर भी संयम रखता है। दिन में कुछ भी नहीं खाया जाता। लेकिन कहा जाता है कि खाने के अलावा व्यक्ति को खाने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए।

रोजे के दौरान अगर कोई व्यक्ति झूठ बोलता है, पीठ पीछे किसी की बुराई करता है, झूठी कसम खाता है, लालच करता है, या कोई गलत काम करता है तो उसका रोजा टूटा हुआ माना जाता है।

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