अभी-अभी

RBI ने नहीं घटाई ब्याज की दरें, अनुमानित विकास दर हुई 6.7 फीसदी

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
111
| अक्टूबर 4 , 2017 , 18:56 IST | नई दिल्ली

रिजर्व बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसीसी) ने उम्मीद के मुताबिक नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया। इसके साथ ही, केंद्रीय बैंक ने जीडीपी ग्रोथ की अनुमानित दर में 0.6 प्रतिशत की कटौती कर दी। रिजर्व बैंक के मुताबिक वित्त वर्ष 2018 में देश की जीडीपी 6.7 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है।

केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने ताजा द्वीमासिक समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर रेपो 6 प्रतिशत पर बरकरार रखा। वहीं, रिवर्स रेपो रेट भी 5.75 प्रतिशत जबकि सीआरआर 4 प्रतिशत पर कायम है, हालांकि एसएलआर 0.5% घटाकर 19.5% कर दिया गया है।

एसएलआर में कटौती

मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी ने एसएलआर में कटौती की है। इसे 50 बेसिस प्‍वाइंट घटाकर 19.5% कर दिया गया है। एसएलआर वह रेट होता है जिसके आधार पर बैंकों को एक तय फंड रिजर्व बैंक के पास जमा करना होता है। एसएलआर रेट में कटौती का मतलब है कि अब बैंकों को रिजर्व बैंक के पास कम पैसा रखना होगा। यानी उनके पास कर्ज देने के लिए ज्‍यादा फंड होगा।

ग्रोथ का अनुमान घटाया

रिजर्व बैंक ने फाईनेंशियल इयर 2017-18 के लिए इकोनॉमिक ग्रोथ का अनुमान घटा कर 6.7% कर दिया है। पहले यह 7.3% था। जून क्वार्टर में इकोनॉमिक ग्रोथ रेट 5.7% पर आ गया था। इसलिए, ये माना जा रहा था कि रिजर्व बैंक इकोनॉमिक ग्रोथ का अनुमान घटाएगा।
एमपीसी के एक सदस्‍य ने रेपो रेट में कटौती के पक्ष में दी राय

6 में से 5 मेंबर्स ने रेपो रेट में कटौती ना करने की राय दी

एमपीसी के मेंबर रविंद्र ढोलकिया ने रेपो रेट में 0.25% कटौती करने का फेवर किया था। एमपीसी की अगली बैठक 5 दिसंबर, 2017 को होगी।

मौद्रिक नीति समीक्षा की बड़ी बातें

रिजर्व बैंक ने ग्रोथ रेट का अनुमान घटाकर 6.7% कर दिया, पहले 7.3% ग्रोथ का अनुमान जताया था

आरबीआई का कहना है कि कृषि ऋण माफी से ग्रोथ पर असर पड़ेगा

केंद्रीय बैंक ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को जो एचआरए दिया है, वह खर्च होने पर इकॉनमी में तेजी आएगी

रिजर्व बैंक ने अक्टूबर-मार्च छमाही में महंगाई 4.2-4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है

इसके मुताबिक, जनवरी से मार्च तिमाही में महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रह सकती है

रिजर्व बैंक ने उपभोक्ता महंगाई दर 4 प्रतिशत (+-2%) तक रोकने का लक्ष्य रखा है


कमेंट करें