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चीन ने दिल्ली का लाल किला लाहौर में बताया, भारत और पाक दोनों ने जताया विरोध

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 1
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| जून 15 , 2017 , 13:28 IST | बीजिंग

शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) ने अपने बीजिंग हेड ऑफिस में एक कार्यक्रम रखा था। इसमें ऑर्गनाइजर्स उस वक्त शर्मसार हो गए, जब यहां पाकिस्तान की फोटो में तिरंगे के साथ भारत का लाल किला दिखाया गया। इसे लाहौर का शालीमार गार्डन बताया गया। दरअसल, यह गलती शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन की थी।

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भारत और पाक के राजनयिक ने जताई आपत्ति

इस समारोह में चीन के विदेश मंत्री वांग यी, चीन में भारत के उच्चायुक्त विजय गोखले और पाकिस्तान के राजदूत मसूद खालिद समेत एससीओ के बाकी सदस्य मौजूद थे। मीटिंग में लाल किले को लाहौर में बताने पर समारोह में मौजूद भारतीय और पाकिस्तानी राजनयिकों ने आपत्ति जताई।

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बाद में एससीओ के अधिकारियों ने इस गलती पर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वे फोटो क्रॉस चेक करने में नाकाम रहे, क्योंकि यह भारत और पाकिस्तान की भागीदारी वाला पहला कार्यक्रम था।

पिछले हफ्ते SCO के स्थायी सदस्य बने हैं भारत-पाक

दरअसल पिछले हफ्ते कजाकिस्तान के अस्ताना में हुई एससीओ समिट में भारत और पाकिस्तान को इस एससीओ में स्थायी सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। दोनों देशों को इस ग्रुप में शामिल किए जाने के संबंध में ही यह कार्यक्रम रखा गया था।

2001 में बना था SCO

बता दें कि एससीओ एक राजनीतिक और सैन्य सुरक्षा समूह है। इसका मुख्यालय बीजिंग में है। यह 2001 में बनाया गया था। चीन, रूस, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान और अब भारत-पाकिस्तान भी इसके स्थायी सदस्य हैं। यह ऑर्गनाइजेशन खासतौर पर मेंबर कंट्रीज के बीच मिलिट्री को-ऑपरेशन के लिए बनाया गया है।

इसमें खुफिया जानकारियों को साझा करना और मध्य एशिया में आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलाना शामिल है। अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया एससीओ में सुपरवाइजर कंट्री हैं।

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