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RBI ने बनाए नए नियम, अब ऑनलाइन फ्रॉड हुआ तो बैंक भरेगा पैसा

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 7 , 2017 , 13:41 IST | नयी दिल्ली

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की नई गाइडलाइन से लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। आरबीआई ने साफ कहा है कि अब बैंक खाते में ऑनलाइ फ्रॉड के दौरान नुकसान होने पर अब खामियाजा ग्राहक नहीं बल्कि बैंक उठाएगा। इसके लिए ऑनलाइन फ्रॉड होने के तीन दिन के अंदर संबंधित बैंक से शिकायत करनी होगी।

जिस दिन आप शिकायत करेंगे, उसके 10 दिन के अंदर वह रकम आपके खाते में क्रेडिट हो जाएगी। अगर कस्टमर थर्ड पार्टी फ्रॉड की जानकारी देने में 3 दिन से ज़्यादा का वक्त लेता है तो उसे 25,000 रुपये तक का नुकसान खुद उठाना पड़ेगा। इंटरनेट बैंकिंग वाले कस्टमर्स के अकाउंट और कार्ड से अनअथॉराइज्ड ट्रांजैक्शन के बढ़ते मामलों को देखते हुए आरबीआई ने ये नई गाइडलाइन जारी की है।

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ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए और इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट को और ज्यादा सेफ बनाने के लिए आरबीआई ने ' जीरो लाइबिलिटी' और 'लिमिटेड लाइबिलिटी' का नया कॉन्सेप्ट जारी किया है। रिजर्व बैंक ने देश के सभी बैंकों को अनऑथोराइज्ड ट्रांजैक्शन के बारे में अपने-अपने ग्राहकों को सचेत करने के लिए उनके मोबाइल पर मैसेज के द्वारा अलर्ट जारी करने को कहा है।

वैसे आरबीआई ने फ्रॉड लेनदेन के संदर्भ में लिमिटेड लाइबिलिटी को सीमित करने का प्रस्ताव अगस्त 2016 में तैयार कर लिया था। बैंक की इस नई व्यवस्था के अंतर्गत बैंक अकाउंट्स के साथ-साथ कस्टमर्स के मोबाइल नंबर को भी जोड़ने को कहा है। आरबीआई ने कहा है कि 'वित्तीय समावेश के साथ-साथ कस्टमर प्रोटेक्शन और ऑनलाइन लेनदेन धोखाधड़ी जैसी स्थितियों के बारे में हर जानकारी को ग्राहक तक पहुंचाना जरूरी है'।

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आरबीआई ने सभी बैंकों को ट्रांजेक्शन अलर्ट के लिए अपने-अपने कस्टमर्स को टेक्सट मैसेज भेजने और अनऑथोराइज्ड ट्रांजेक्शन के बारे ग्राहक के होम पेज पर जानकारी उपलब्ध करवाने को कहा है।

आरबीआई के अनुसार अगर कोई ग्राहक अपनी लापरवाही से नुकसान उठता है (जैसे किसी और को अपने ऑनलाइन बैंकिंग के पासवार्ड्स शेयर करना) और उस अनाधिकृत लेन देन के बारे में जब-तक ग्राहक रिपोर्ट न करे तो उस नुकसान का जिम्मेदार खुद ग्राहक होगा। वैसे ही अगर किसी ग्राहक को किसी थर्ड पार्टी के द्वारा नुकसान हुआ है और ग्राहक एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट न करे तो उस धोखाधड़ी का नुकसान भी ग्राहक को ही भुगतना पड़ेगा।


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