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अब होटल-रेस्टोरेंट जबरन नहीं वसूल सकते सर्विस चार्ज, सरकार की नई गाइडलाइंस जारी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 1 , 1970 , 05:30 IST | नयी दिल्ली

होटल और रेस्टोरेंट में बिलों में सेवा शुल्क लगाना 'पूरी तरह से ग्राहक पर निर्भर' करेगा, इसे अनिवार्य तौर पर नहीं लगाया जा सकता। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने इससे संबंधित दिशानिर्देशों को मंजूरी दे दी है।

रामविलास ने कहा कि होटल एवं रेस्तरां सेवाशुल्क नहीं तय करेंगे, बल्कि यह ग्राहक के विवेक पर निर्भर करेगा। इन दिशानिर्देशों को अब जरूरी कार्रवाई के लिए राज्यों को भेजा जाएगा।

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पासवान ने ट्वीट किया, 'सरकार ने सेवाशुल्क पर दिशानिर्देशों को मंजूरी दे दी है।  दिशानिर्देशों के अनुसार सेवाशुल्क पूरी तरह से स्वैच्छिक है न कि अनिवार्य। उन्होंने लिखा, 'होटल एवं रेस्तरां को यह नहीं तय करना चाहिए कि ग्राहक कितना सेवा शुल्क दें, बल्कि यह ग्राहक के विवेक पर छोड़ दिया जाना चाहिए।  मंत्री ने कहा, 'दिशानिर्देश जरूरी कार्रवाई हेतु राज्‍यो को भेजे जा रहे हैं। दिशानिर्देश के मुताबिक, बिल में सेवा शुल्क भुगतान के हिस्से को खाली छोड़ा जाएगा, जिसे ग्राहक द्वारा अंतिम भुगतान से पहले अपनी इच्छा से भरा जाएगा।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'यदि सेवा शुल्क अनिवार्य रूप से लगाया गया है तो ग्राहक उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना एवं कड़ी कार्रवाई नहीं की जा सकती है, क्योंकि वर्तमान उपभोक्ता सुरक्षा कानून मंत्रालय को ऐसा करने का अधिकार नहीं देता है, लेकिन नए उपभोक्ता सुरक्षा विधेयक के तहत गठित किए जाने वाले प्राधिकार के पास कार्रवाई करने का अधिकार होगा।

 

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