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घर घर जाकर लोगों को संस्कारी बनाने पर आमादा है RSS, छिड़ा नया विवाद

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 15 , 2017 , 17:38 IST | नई दिल्ली

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब 'नैतिक मूल्यों' और 'संस्कारों' को बढ़ावा देने के लिए कैसे और क्या खाएं, जन्मदिन कैसे मनाएं, क्या पहनें, घर पर किन विषयों पर बात ना करें जैसी तमाम बातें बताएगा। ये पूरा एजेंडा आरएसएस के अप्रैल में लॉन्च हुए फैमिली काउंसलिंग कार्यक्रम का अहम हिस्सा हैं। एक अंग्रेजी अख़बार की रिपोर्ट के बाद आरएसएस के इस कार्यक्रम पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। 

 

इस कार्यक्रम के तहत स्वयंसेवक लोगों के घर-घर जाएंगे और उन्हें शाकाहारी होने का फायदा बताएंगे। साथ ही भारतीय सभ्यता को भी लोगों तक पहुंचाने का काम करेंगे। एक कार्यकर्ता ने बताया कि संघ इस कार्यक्रम को अगले आम चुनाव (लोकसभा चुनाव- 2019) तक चलाएगा।
संघ ने यह कदम गौरक्षा के नाम पर लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बाद उठाया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में भीड़ द्वारा हत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इन मामलों में सबसे आगे गौरक्षकों का नाम आता है।

इस कार्यक्रम के तहत संघ के सीनियर कार्यकर्ता दो स्वंयसेवक और एक स्वंयसेविका के साथ टीम बनाएंगे और विदेशी संस्कृति से बचने और शाकाहार के फायदे बताएंगे। साथ ही मांसाहार के नुकसान भी लोगों को बताए जाएंगे। इस कार्यक्रम के तहत बीते सप्ताह विदर्भ में पहुंचे आरएसएस कार्यकर्ताओं ने घर पर पहुंच कर बताया कि त्यौहारों पर महिलाओं को साड़ी और पुरुषों को कुर्ता पाजामा ही पहनना चाहिए। साथ ही यह भी बताया की बर्थडे पर केक काटने और मोमबत्तियां जलाने का प्रावधान भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं।

इसके अलावा खाने के पहले मंत्र पढ़ने, परिवार में बैठकर राजनीति और क्रिकेट पर बात करने से बचने, परिवार के साथ रहते हुए टीवी देखने से बचने, औरतों की इज्जत करने, जातिवाद से लड़ने, किताबें पढ़ने को परिवारों से कहा गया है।
आरएसएस के ये सदस्य घर में टीवी पर क्या देखा जाता है, सब लोग साथ मे बैठते हैं कि नहीं परिवार के बच्चे कैसे समय गुजारते हैं, जैसे सवाल भी पूछे जायेंगे।


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