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इनकम टैक्स छापेमारी पर संसद में घमासान, कांग्रेस ने कहा- ये लोकतंत्र की हत्या है

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 2 , 2017 , 12:53 IST | नयी दिल्ली

कर्नाटक के मंत्री डीके शिवकुमार पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के छापे को लेकर बुधवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। शिवकुमार वही शख्स हैं, जो बेंगलुरु के इगलटन रिजॉर्ट में ठहरे 40 से ज्यादा कांग्रेसी विधायकों के मेजबान हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ये छापे राजनीतिक दुश्मनी निकालने के लिए मारे गए हैं। हंगामा कर रहे सांसदों ने वेल में आकर उप-सभापति पीजे कुरियन के सामने जमकर नारेबाजी की। वे 'लोकतंत्र की हत्या बंद करो' और 'सरकारी तानाशाही नहीं चलेगी' जैसे नारे लगा रहे थे।

राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आनंद शर्मा ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल करके राजनीतिक विरोधियों का दमन करना चलन बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आईटी, सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके विपक्ष को डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बुधवार को आईटी के छापे की टाइमिंग और जगह पर भी सवाल उठाए।

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उन्होंने कहा कि जिस मंत्री के यहां छापे मारे गए, वह और उनके भाई विधायकों की देखरेख का काम देख रहे थे। शर्मा के मुताबिक, यह छापा टार्गेट करने का तरीका है। इस तरह से सरकार ने यह मैसेज दिया है कि एक व्यक्ति जो कांग्रेस पार्टी के लिए काम कर रहा है, उसे निशाना बनाया गया।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने भी केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के चुनाव फ्री, फेयर और भयमुक्त होने चाहिए। हालांकि ये तीनों चीजें नहीं हो रहीं। आजाद ने कहा कि डर का जो माहौल वेस्ट में था, अब वह साउथ पहुंच चुका है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, वेस्ट (गुजरात) में विधायकों की किडनैपिंग की कोशिश की गई। अब यह खौफ और अनफेयर प्रैक्टिस साउथ तक विधायकों का पीछा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह कहना सरासर गलत है कि कार्रवाई पार्टी पर नहीं, बल्कि एक शख्स पर की गई है।

आजाद ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर अवैध पैसे बांटने को लेकर सरकार को कार्रवाई करनी ही है तो उसे अपने नेताओं पर छापे मारने चाहिए। आजाद ने आनंद शर्मा के उन आरोपों को दोहराया, जिसके मुताबिक, मोदी सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके राजनीतिक विरोधियों को डरा रही है।

सदन में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार की ओर से सफाई दी। उन्होंने कहा कि न तो रिजॉर्ट पर छापा मारा गया और न ही वहां ठहरे किसी भी एक विधायक की तलाशी ली गई। जेटली के मुताबिक, कुल 39 जगहों पर छापे मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई शख्स कांग्रेसी विधायकों की मेजबानी में लगा है तो उसे अपने घर में अवैध पैसे रखने का लाइसेंस नहीं मिल जाता है।

राज्यसभा चुनाव लड़ रहे कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पटेल ने टि्वटर पर लिखा,

महज एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए बीजेपी अभूतपूर्व तरीके से पीछे पड़ी हुई है। राज्य की मशीनरी और बाकी सभी एजेंसियों का इस्तेमाल करने के बाद अब आईटी के छापे उनकी हताशा को दर्शाते हैं।


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