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ट्रंप ने माना- आतंक से पीड़ित है भारत, कहा- कोई देश आतंकी को न दें पनाह

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 22 , 2017 , 12:43 IST | रियाद

आखिरकार अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने माना है कि भारत ने आतंकवाद के कारण काफी कुछ सहा है। ट्रंप ने भारत को आतंकवाद से पीड़ित देश बताया है। सऊदी अरब में आयोजित अरब-इस्लामिक-यूएस सम्मेलन में बोलते हुए ट्रंप ने यह बात कहीं।
उन्होंने सभी देशों से अपील की है कि वे अपने यहां किसी भी आतंकवादी संगठन को शरण न दें।

राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार निकले विदेश दौरे पर

ट्रंप ने कहा कि,

वे अपनी जमीन को आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह न बनने दें

20 जनवरी को राष्ट्रपति पदभार संभालने के बाद ट्रंप पहली बार विदेशी दौरे पर निकले हैं। सऊदी के बाद वह इजरायल और इटली भी जाएंगे।

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रविवार को अरब के इस्लामिक देशों के साथ इस सम्मेलन में बोलते हुए ट्रंप का मुख्य फोकस आतंकवाद पर ही था।

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यूरोप-अमेरिका से लेकर पूरी दुनिया आंतक से पीडित

उन्होंने कहा कि मध्यपूर्वी एशिया के कई देशों में पांव पसार चुके कट्टरपंथी विचारधारा से लड़ने के लिए अमेरिका पश्चिमी एशिया के देशों के साथ सहयोग करना चाहता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका से लेकर भारत और ऑस्ट्रेलिया से लेकर रूस तक, सभी देश आतंकवाद की पीड़ा झेल रहे हैं और बार-बार हो रहे आतंकवादी हमलों से त्रस्त हैं।

ट्रंप ने सीधे-सीधे पाकिस्तान का नाम तो नहीं लिया, लेकिन आतंकवादियों को पनाह देने वाले देशों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि,

हर देश को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी जमीन पर आतंकवादियों को शरण न मिले

इस्लामिक स्टेट के खात्मे के लिए सभी देश आए आगे

50 मुस्लिम-बहुल देशों के नेताओं को संबोधित करते हुए ट्रंप ने रविवार को जो भाषण दिया, वह विदेशी जमीन पर दिया गया उनका पहला संबोधन था। आतंकवाद से जूझ रहे मध्यपूर्व का कई बार जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि इस क्षेत्र के सभी देशों को साथ मिलकर इस्लामिक स्टेट (ISIS) से लड़ना होगा और उन्हें हराना होगा।

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मालूम हो कि ISIS का खात्मा करना ट्रंप के सबसे अहम चुनावी वादों में से एक है।

इस्लाम से नहीं बर्बर कट्टरपंथ से हमारी लड़ाई

चुनाव जीतने से पहले भले ही ट्रंप ने मुस्लिम विरोधी टिप्पणियां की हों, लेकिन रविवार का उनका भाषण काफी अलग था। उन्होंने कहा कि,

यह अलग-अलग धर्मों, विश्वासों, संप्रदायों, नस्लों और सभ्यताओं के बीच की लड़ाई नहीं है। यह लड़ाई तो उन बर्बर अपराधियों और हत्यारों के खिलाफ है जो कि इंसानी जिंदगी को खत्म करना चाहते हैं

यह लड़ाई उनके खिलाफ है जो कि इंसानों की हिफाजत के लिए आगे आने वाले अलग-अलग धर्मों के अच्छे लोगों को खत्म करना चाहते हैं।' ट्रंप ने कहा कि मुस्लिम नेताओं और राष्ट्राध्यक्षों को कट्टरपंथ से मुकाबला करने और इसे हराने के लिए और प्रयास करने होंगे।

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