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सीरिया पर अमेरिकी हमले के बाद मंडराया तीसरे विश्व युद्ध का ख़तरा, बयानबाजी से बढ़ा तनाव

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 8 , 2017 , 21:07 IST | दमिश्क

सीरिया के वायुसेना अड्डे पर मिसाइल हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका और रूस के बीच टकराव हुआ।

सीरिया में अमेरिका के मिसाइल हमले का ईरान, रूस और चीन जैसे कई शक्तिशाली देशों ने खुला विरोध किया है। रूस ने तो अमेरिका को जंग की धमकी तक दे दी है। रुस ने अमेरिका को धमकी देते हुए कहा है कि अमेरिका ने युद्ध की ओर एक कदम बढ़ा दिया है। वहीं ट्रंप ने जवाब देते कहा है कि हम दोबारा सीरिया पर एयर स्ट्राइक की तैयारी कर रहे हैं।

Russia vs us

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के खास समर्थक ईरान और चीन ने इस हमले की निंदा की है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बेहराम घसेमी ने कहा कि,

अमेरिकी की एकतरफा कार्रवाई खतरनाक है, विनाशकारी है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है

Us attack

उन्होंने यह भी कहा कि,

इससे आतंकवादियों को मदद मिलेगी और सीरिया और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति और ज्यादा जटिल हो जाएगी

उधर, चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले की निंदा की है। चीन ने आशंका जताई है कि,

इससे अमेरिका और रूस के बीच टकराव बढ़ेगा और इससे दुनिया तीसरे महायुद्ध के मुहाने पर आ खड़ी हुई है 

Us attack 2

(अमेरिका ने सीरिया के जिस एयरबेस पर टॉमहॉक मिसाइल गिराई थी, वहां मिसाइल के हमले के बाद की तस्वीर। इस हमले में सीरिया के 20 जेट विमान मलबे में तब्दील हो गए।)

चीन ने कहा है कि,

ट्रंप का असद सरकार पर हमला करने का मकसद अमेरिकी राष्ट्रपति की ताकत दिखाना है, वे साबित करना चाहते हैं कि जो काम पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा करने का साहस नहीं दिखा सके, वे उसे कर सकते हैं

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि ट्रंप दुनिया को यह भी दिखाना चाहते हैं कि वे एक उद्यमी राष्ट्रपति नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सैन्य शक्ति का इस्तेमाल करने वाले राष्ट्रपति हैं। इस हमले से सीरिया में विस्थापन तेज होने की आशंका जताते हुए ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि इसकी कीमत यूरोप को चुकानी पड़ेगी।

Un meeting

(सीरिया पर यूएस अटैक के बाद यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की बोलविया में इमरजेंसी बैठक)

वहीं, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, तुर्की और सऊदी अरब जैसे देशों ने डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया है। इन देशों ने इसे रासायनिक हमलों को रोकने के लिए जरूरी बताया है। सीरिया पर अमेरिकी हमले के कुछ घंटे बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सभी सभ्य देशों से वहां जारी खूनखराबा रोकने के लिए आगे आने की अपील की थी।

Chemical attack

(सीरियाई नागरिक अब्दुल हमीद-अल-युसुफ अपने दो जुड़वें बच्चों की लाश को गोद में उठाए हुए। इनके बच्चे केमिकल अटैक में मारे गए )

बता दें कि ट्रंप के आदेश पर सीरिया में उस एयरबेस पर 59 टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया, जहां से गुरुवार को इदलिब प्रांत में रासायनिक हमला हुआ था।

सीरिया के साथ खड़े देश

रुस- सैन्य मदद

ईरान- सैन्य के साथ 8.69 बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद भी

नॉर्थ कोरिया- सीरिया को हथियार सप्लाई

इराक- लॉजिस्टिक मदद

अल्जीरिया- आशंका व्यक्त की जा रही है कि अल्जीरिया का मिलैट्री एयरक्राफ्ट सीरिया में लैंड हुआ है

वेनेजुएला - सीरिया को दस मिलियन डॉलर से ज्यादा की कीमत की डीजल सप्लाई कर चुका है 

लेबनान

बेलारुस

सीरिया के दुश्मन देश

अमेरिका

ब्रिटेन

फ्रांस

जर्मनी

तुर्की

इजरायल

कनाडा

सउदी अरब

कतर

Us attack 3


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