ख़ास रिपोर्ट

दुनिया का पहला तंबाकू मुक्त देश बनेगा रूस, क्या भारत में ये मुमकिन है?

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
341
| जनवरी 12 , 2017 , 14:35 IST | मॉस्को

रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय ने साल 2015 के बाद जन्म लेने वालों को सिगरेट बेचने पर प्रतिबंध लगाने की योजना का खुलासा किया है। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट से मिली है। राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन समर्थित यह प्रस्ताव विश्व में रूस को पहला पूर्णरूप से तम्बाकू मुक्त देश बना देगा।
रूसी समाचार पत्र इजवेस्तिया को जो प्रतिबंध प्रस्ताव मिला है वह साल 2033 से प्रभावी होगा, जब प्रतिबंध से प्रभावित रूसी बच्चे 18 साल के हो जाएंगे।
रूसी संसदीय स्वास्थ्य समिति के एक सदस्य निकोलाई गेरासिमेंको ने मंगलवार को टाइम्स से कहा,

वैचारिक रूप से यह लक्ष्य बिल्कुल सही है।

हालांकि गेरासिमेंको ने यह भी स्वीकार किया कि वह अनिश्चित हैं कि इस तरह के एक प्रतिबंध के लागू होने लायक होगा या नहीं।

रूसी मीडिया के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न संघीय एजेंसियों के बीच दस्तावेज वितरित कर दिए गए हैं जिनमें वित्त मंत्रालय, आर्थिक विकास मंत्रालय और अन्य शामिल हैं।

समाचार एजेंसी तास के अनुसार, साल 2016 में रूस में धूम्रपान करने वालों की संख्या में 10 प्रतिशत की कमी हुई थी।

Tobacco

 

भारत में तंबाकू का प्रयोग


भारतीय उपमहाद्वीप में तंबाकू का प्रयोग सदियों पुराना है जो मुख्यत: दो प्रकार से हैः तंबाकू चबाना और धूम्रपान।

भारत दुनिया में तंबाकू का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता और तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। 
सम्पूर्ण रूप से तंबाकू के इस्तेमाल की व्यापकता पुरुषों में 48 प्रतिशत और महिलाओं में 20 प्रतिशत है। 

आंकडें बताते हैं कि भारत में 35 प्रतिशत से अधिक व्यस्क तंबाकू का सेवन करते हैं।

लगभग 63700000 लोग चबाने वाले (धूम्ररहित) तंबाकू का सेवन करते है। 

68,900,000 व्यस्क केवल धूम्रपान का उपयोग करते है।  

42,300,000 लोग चबाने वाले तंबाकू और धूम्रपान दोनों का ही सेवन करते है।

भारत में प्रतिघंटा आैसतन 114 लोग और 24घंटे में 2800 लोग तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों के प्रयेाग से हुए कैंसर सहित अन्य बीमारियों से दम तोड़ देते है।

तंबाकू उत्पादो के प्रयोग के इस भयावह आंकडे के मद्देनज़र विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2016 की थीम तंबाकू उत्पादों पर प्लेन पैकेजिंग रखी है।

आंकड़ों के अनुसार एक सिगरेट जिंदगी के ११ मिनट आैर पूरा पैकेट तीन घंटे चालीस मिनट तक छीन लेती है। वहीं प्रति ६ सेकेंड में दुनिया में एक इंसान काे तंबाकू लील जाता है।

भारतीय जनसंख्या का 30 प्रतिशत से अधिक वर्ग जो 15 वर्ष से उपर हैं, किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करता है। उसमें से 14.6 प्रतिशत बच्चे वो है जो 13-15 वर्ष के बीच आते हैं। धूम्रपान महिलाओं की अपेक्षा पुरूषों में अधिक प्रचलित है। महिलाओं में चबाने वाले तंबाकू का उपयोग करने की संभावना अधिक होती हैं। भारत में बीड़ी का सेवन सिगरेट से ज्यादा होता है। 

4000 से अधिक विभिन्न प्रकार के रसायन तंबाकू और तंबाकू के धुएँ में पाये जाते हैं। आई.ए.आर.सी. द्वारा किये गये कैंसर पर अनुसंधान में इन रसायनों में से 60 को कार्सिनोजन (कैंसर पैदा करने वाले एजेंट) के रूप् मे वर्गीकृत किया गया है। तंबाकू में पाया जाने वाला मुख्य रसायन निकोटीन है जो अत्याधिक नशीला रसायन है। इसका लम्बी अवधि तक प्रयोग व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से इस पर निर्भर बना देता है।

Tobacco-control


कमेंट करें