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काला हिरण केस में आज आएगा सलमान पर फैसला, जानें सितंबर1998 में क्या हुआ था?

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 5 , 2018 , 08:44 IST

सलमान खान काले हिरण के शिकार के 19 साल पुराने मामले की सुनवाई के लिए जोधपुर पहुंच चुके हैं। गुरुवार को इस मामले में फैसला सुनाया जाएगा। इस मामले में सलमान के अलावा बॉलिवुड स्टार सैफ अली खान, तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्रे भी आरोपी हैं। 1998 के इस केस में जोधपुर कोर्ट गुरुवार को फैसला सुनाएगी। ऐक्टर सैफ अली खान भी जोधपुर पहुंच चुके हैं।

जोधपुर एयरपोर्ट पर सलमान खान कड़ी सुरक्षा के बीच नजर आए। जोधपुर में सलमान के साथ उनकी दोनों बहने अर्पिता और अलवीरा नजर आईं। इस दौरान उनके साथ उनके बॉडीगार्ड शेरा भी देखे गए।

सलमान पर 1998 में कालेे हिरण केे शिकार को लेकर जोधपुर कोर्ट में केस दर्ज किया गया था, इस मामले में कोर्ट गुरुवार को अपना आखिरी फैसला सुनाएगी। चीफ ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट देव खत्री इस मामले पर अपना फैसला सुनाएंगे। इस मामले में आरोपी बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को जेल होगी या फिर बेल मिलेगी।

आरोप है कि 1998 में 'हम साथ-साथ हैं' फिल्म की शूटिंग के दौरान फिल्म की कास्ट के कुछ लोगों ने काले हिरण का शिकार किया था। सलमान खान पर आरोप था कि उन्होंने जिस बंदूक से काला हिरण का शिकार किया, उस बंदूक का लाइसेंस भी उनके पास नहीं था। हालांकि जनवरी 2017 में आर्म्स ऐक्ट से जुड़े इस केस में सलमान को जोधपुर कोर्ट ने बरी कर दिया था।

इस केस से जुड़े दो अन्य मामलों में सलमान खान को राजस्थान हाई कोर्ट ने जुलाई 2016 में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ राजस्थान सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी।

क्या है हिरण शिकार मामला -

दो चिंकारा शिकार के मामले में सलमान खान को पहली बार 17 फरवरी 2006 को जोधपुर की निचली अदालत से एक साल की सजा हुई थी। आरोप है कि जोधपुर के पास भवाद गांव में 26-27 सितंबर 1998 की रात में शिकार किया गया था।

सलमान खान पर हिरण शिकार मामले में कुल चार केस दर्ज हुए थे। फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान सितंबर-अक्टूबर 1998 के दौरान सलमान सहित अन्य अभि‍नेताओं पर आरोप है। इस मामले में सलमान खान के साथ सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम पर भी शिकार के लिए सलमान को उकसाने का आरोप है।

सलमान समेत अन्य आरोपियों पर मथानिया और भवाद में दो चिंकारा के शिकार के दो अलग-अलग मामले, कांकाणी में हिरण शिकार मामला और लाइसेंस समाप्त हो जाने के बाद भी रायफल रखने (आर्म्स ऐक्ट) का आरोप है। हिरण शिकार का तीसरा केस कंकाणी गांव में 1-2 अक्टूबर 1998 की रात दो काले हिरणों के शिकार का है। ये मामला आर्म्स ऐक्ट में अतिरिक्त अभियोग लगने की वजह से जुलाई 2012 तक लंबित रहा।

सलमान को काले हिरण के शि‍कार मामले में 10 अप्रैल 2006 को पांच साल की सजा हुई। श‍िकार का यह मामला जोधपुर के मथानिया के पास घोड़ा फार्म में 28-29 सितंबर 1998 की रात का है लेकिन बाद में जोधपुर हाई कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई। 25 जुलाई 2016 को राजस्थान हाई कोर्ट ने सलमान को बरी कर दिया। इस मामले में कुल 12 आरोपी थे।

घोड़ा फार्म हाउस शिकार मामले में सलमान को 10 से 15 अप्रैल 2006 तक 6 दिन जोधपुर केंद्रीय कारागार में रहना पड़ा। सेशंस कोर्ट द्वारा इस सजा की पुष्टि करने पर सलमान को 26 से 31 अगस्त 2007 तक जेल में रहना पड़ा था। हिरण शिकार का तीसरा केस कंकाणी गांव में 1-2 अक्टूबर 1998 की रात दो काले हिरणों के शिकार का है।


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