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SBI ने बचत खाते पर ब्‍याज घटाया, 4 के बदले अब मिलेगा सिर्फ 3.5 फीसदी ब्याज

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 31 , 2017 , 16:10 IST | नई दिल्ली

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने बचत खाते में 1 करोड़ रुपए या इससे कम के डिपॉजिट पर ब्याज दर 4 फीसदी से घटाकर 3.5 फीसदी कर दिया है। एसबीआई ने सोमवार को 2-टियर सेविंग बैंक रेट का एलान करते हुए कहा कि 1 करोड़ से ज्‍यादा के बैलेंस पर बचत खाताधारियों को 4 फीसदी ब्‍याज मिलता रहेगा। आमतौर पर सभी बैंक ग्राहक को बचत खाते पर 4 फीसदी ब्याज देते हैं। ऐसे में आने वाले वक्त में दूसरे बैंक भी बचत खाते पर ब्याज दर घटा सकते हैं।

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बचत खाते पर ब्याज दरों की दो कटैगरी

एसबीआई ने पहली बार सेविंग अकाउंट्स पर ब्‍याज की दो तरह की कैटेगरी (2-टियर सेविंग बैंक रेट) पेश की हैं। इसमें एक करोड़ रुपए तक के डिपॉजिट पर 3.5% और उससे ज्यादा के डिपॉजिट पर 4% ब्‍याज मिलेगा। अभी तक इस तरह की कैटेगरी नहीं थी, सभी तरह के डिपॉजिट पर 4% रेट था। इसलिए इसे दो टियर कैटेगरी कहा गया है।

SBI सेविंग्‍स अकाउंट पर नए रेट

डिपॉजिट               इंटरेस्ट रेट

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एक करोड़ रु तक          3.5%

एक करोड़ रु से ज्यादा    4.0%

90%कस्‍टमर्स को होगा नुकसान

एसबीआई के 2-टियर सेविंग बैंक रेट से करीब 90% बैंक कस्‍टमर्स को नुकसान होगा। दरअसल, एसबीआई के 90% सेविंग्‍स अकाउंट में 1 करोड़ रुपए से कम डिपॉजिट है। ऐसे में इन कस्‍टमर्स को 0.5% इंटरेस्‍ट कम मिलेगा।

Sbi

क्‍यों घटाया एसबीआई ने ब्याज दर

एसबीआई 2-टियर इंटरेस्‍ट रेट के जरिए मौजूदा दरों पर एमसीएलआर को मेन्‍टेन रखना चाहता है। - मार्जिनल कॉस्‍ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) बैंकों के लिए लेंडिंग इंटरेस्‍ट रेट तय करने का नया फार्मूला है। इस फॉर्मूले से जहां कस्‍टमर को कम इंटरेस्‍ट रेट का फायदा मिलेगा। वहीं, बैकों को पहले से इंटरेस्‍ट रेट तय करने की प्रॉसेस में ट्रांसपैरेंसी भी आएगी। यह फार्मूला 1 अप्रैल, 2016 से लागू है।

बैंकों को नए फॉर्मूले के तहत मार्जिनल कॉस्ट से लेंडिंग रेट तय करना होगा। साथ ही हर महीने बैंकों को एमसीएलआर की जानकारी देनी होगी। एक साल पहले एमसीएलआर को जानकारी देनी होगी। एक साल पहले एमसीएलआर को नहीं बदला जाएगा।

 

 


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