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बीजेपी शासित कुछ राज्यों में लागू हुआ संशोधित SC/ST एक्ट, जिग्नेश ने जताई नाराजगी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 17 , 2018 , 16:26 IST

एससी-एसटी कानून में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानते हुए बीजेपी ने अपने कुछ राज्यों में आदेश पर काम करना शुरू कर दिया है। बता दें कि शीर्ष कोर्ट के इस आदेश के बाद से ही देशभर के एससी-एसटी समुदाय के लोगों ने भारत बंद कर विरोध जताया था। जिसके बाद से विपक्ष भी लगातार इस मुद्दे से केन्द्र को घेर रहा था। PM मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि केंद्र सरकार दलितों की भलाई का काम कर रही है।

एक अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की सरकार ने आधिकारिक तौर पर राज्य पुलिस को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने का आदेश जारी कर दिया है। इन मुख्य राज्यों के अलावा हिमाचल प्रदेश ने भी अनौपचारिक तौर पर इस आदेश को जारी कर दिया है, जल्द ही औपचारिक आदेश भी जारी कर दिया जाएगा।

खबरों की मानें तो कहा जा रहा है कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान अलग से इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका डालेंगे। हालांकि, अभी राज्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे।

इन आदेशों पर केन्द्र सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए गुजरात के दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने कहा है कि ये निर्णय दिखाता है कि पीएम मोदी के मुंह पर बाबा साहेब का नाम है और दिल में मनु है। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल को जो सेलिब्रेशन किया गया है वह सिर्फ राजनीतिक था। पहले दलितों को चांटा मारा और बाबा साहेब की तारीफ कर मरहम लगाने की कोशिश की।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही दलित संगठनों ने दो अप्रैल को भारत बंद बुलाया था। इस भारत बंद में काफी हिंसा हुई थी और कुछ लोगों की मौत भी हुई थी। इसके अलावा भी लगातार विपक्ष ने भी मोदी सरकार को घेरा था। सरकार इस मसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका भी डाल चुकी है।

आपको बता दें कि लगातार इस मुद्दे पर हो रहे विरोध के बीच प्रधानमंत्री ने कहा था कि आपके हक की चिंता करना सरकार का दायित्व है। मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ भ्रम फैला सकती है, इस कोशिश की एक तस्वीर इस महीने की 2 तारीख को हम देख चुके हैं। कभी आरक्षण खत्म किए जाने की अफवाह फैलाना, कभी दलितों के अत्याचार से जुड़े कानून को खत्म किए जाने की अफवाह फैलाना, भाई से भाई को लड़ाने में कांग्रेस कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही।

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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक निर्णय में एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाने को कहा था। जिसके बाद दलित संगठनों और नेताओं ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया था। पुनर्विचार याचिका की सुनवाई में भी कोर्ट ने कहा था कि जो लोग विरोध कर रहे हैं उन्होंने हमारा आदेश नहीं पढ़ा है। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।


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