नेशनल

रोहिंग्याओं को कुछ दिनों की राहत, SC में सुनवाई पूरी होने तक भगाने पर लगी रोक

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
181
| अक्टूबर 13 , 2017 , 15:05 IST | नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट में आज रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों की याचिका पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले पर सुनवाई करते कहा कि अगली सुनवाई पूरी होने तक उन्हें देश से भगाया नहीं जाएगा। बता दें कि रोहिंग्या शरणार्थियों ने केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें उन्हें भारत से वापस भेजने को कहा गया है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा सहित तीन जजों की बेंच रोहिंग्या शरणार्थियों की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि 21 नवंबर तक की सुनवाई पूरी होने तक उन्हें भगाया नहीं जाए।  

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के अलावा बेंच में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी शामिल थे। बेंच ने कहा है कि वह इस मामले में विभिन्न पहलुओं पर सुनवाई करेगी। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है कि यह मामला कार्यपालिका का है और सर्वोच्च न्यायालय इसमें हस्तक्षेप न करे।

Roh 4

सरकार ने अपने हलफनामे में रोहिंग्या शरणार्थियों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कहा है कि ये भारत में नहीं रह सकते। सरकार ने कहा है कि उसे खुफिया जानकारी मिली है कि कुछ रोहिंग्या आतंकी संगठनों के प्रभाव में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में दलीलें भावनात्मक पहलुओं पर नहीं, बल्कि कानूनी बिंदुओं पर आधारित होनी चाहिए।

बेंच ने दोनों पक्षों से कहा है कि वह अपनी अर्जी में तमाम दस्तावेजों को लगाएं और साथ ही अंतरराष्ट्रीय संधियां भी इसमें समग्र तरीके से पेश करें। कोर्ट ने कहा कि वह कानून के आलोक में इस मामले की मानवीय पहलू और मानवता के आधार पर सुनवाई करेगा। केंद्र ने कहा है कि देशभर में 40 हजार से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी मौजूद हैं। म्यांमार में हिंसा भड़कने के बाद रोहिंग्या वहां से पलायन कर रहे हैं। अबतक करीब 9 लाख रोहिंग्या म्यांमार छोड़ चुके हैं।

 


कमेंट करें