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हरियाणा में लिंगानुपात में जबर्दस्त सुधार, लड़कियों की जन्मदर में हुआ इजाफा

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 14 , 2018 , 12:26 IST

'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का नारा देने वाले हरियाणा में लिंगानुपात में बड़े पैमाने पर सुधार हुआ है। साल 2017 में 1000 लड़कों पर 914 लड़कियों का सर्वोच्च लिंग अनुपात दर्ज किया है। 17 जिलों ने 900 से अधिक के जन्म पर लिंग अनुपात के आंकड़े को हासिल किया है, 2017 में कोई भी जिला 880 के आंकड़े से नीचे नहीं रहा।

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि वर्ष 2015 में हरियाणा में प्रति एक हजार लड़कों के मुकाबले लड़कियों की जन्मदर 871 थी और 2016 में प्रति एक हजार लड़कों के मुकाबले लड़कियों की जन्मदर 900 हो गई। वर्ष 2017 में लड़कियों की जन्मदर बढ़कर 914 तक पहुंच गई। अधिकारियों ने कहा कि हरियाणा के लिए यह गर्व की बात है क्योंकि वर्ष 2011 के मुकाबले राज्य में लड़कियों की जन्मदर में काफी वृद्धि हुई है। उस समय लड़कियों की जन्मदर प्रति एक हजार लड़कों के मुकाबले 834 थी और तब देश में यह आंकड़ा सबसे खराब लिंगानुपात का था।

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उन्होंने कहा कि राज्य ने पिछले पांच साल में जन्मदर में 82 अंकों की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है और राज्य के नौ जिलों में इन अंकों में 100 यो इससे अधिक का सुधार हुआ है। अधिकारियों ने कहा कि पिछले पांच साल में जन्मे 5,09,290 बच्चों में से 2,66,064 लड़के और 2,43,226 लड़कियां हैं। लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है और यह 1000 लड़कों के मुकाबले 914 लड़कियों का हो गया है।

वर्ष 2017 में सत्रह जिलों में लिंगानुपात जन्मदर प्रति एक हजार लड़कों के मुकाबले 900 या इससे अधिक लड़कियों की रही। पिछले साल किसी भी जिले में यह अनुपात 880 से कम नहीं रहा। पानीपत प्रति एक हजार लड़कों के मुकाबले 945 लड़कियों के जन्म के साथ शीर्ष पर रहा। यमुनानगर में यह आंकड़ा 943 का रहा।

महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, सोनीपत और झज्जर जिलों में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार लिंगानुपात एक हजार के मुकाबले 800 से नीचे का था। अब क्रमश: इन जिलों में लिंगानुपात में 136, 91, 88, 96 अंकों का सुधार हुआ है।

2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' मुहिम की शुरुआत की थी। जब मुहिम शुरू हुई तो राज्य के 20 में से 12 जिलों में लिंगानुपात की हालत बहुत खराब थी, लेकिन तीन साल में राज्य सरकार ने कई कदम उठाए। सरकार ने अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापे मारे, एफआईआर दर्ज की, अपराधियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की।


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