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अगर कर रहे हैं राजकुमार राव की शादी में जाने की तैयारी तो पहले पढ़ लें मूवी रिव्यू

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 10 , 2017 , 14:45 IST | मुंबई

बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव की फिल्म 'शादी में जरूर आना' इस शुक्रवार को रिलीज हो गयी है। 2017 में आई राजकुमार राव की ये 5वीं फिल्म है। एक बार फिर राजकुमार दमदार एक्टिंग करते हुए नजर आए हैं, जो दर्शकों को काफी रास आने वाली है लेकिन फिल्म की कहानी कुछ बिखरी हुई सी नज़र आती है। रत्ना सिन्हा द्वारा निर्देशित फिल्म 'शादी में जरूर आना' एक शादी के इर्द गिर्द घूमती कहानी है।

मूवी की कहानी-

फिल्म ‘शादी में जरूर आना’ सतेन्द्र/सत्तू (राजकुमार राव) और आरती शुक्ला (कीर्ति खरबंदा) की कहानी है । सत्तू फिल्म में क्लर्क की भूमिका में हैं यानि उनके पास सरकारी नौकरी है तो वहीं दूसरी तरफ आरती ने सिविल सर्वसिज का एक्जाम दिया है। दोनों के घरवाले उनकी एक दूसरे से अरेंज मैरिज करवाना चाहते हैं। शादी के चलते दोनों एक दूसरे से रेस्त्रां में मिलते है दोनों डिसाइड करते हैं कि वो दोनों शादी कर सकते हैं। लेकिन शादी के दिन आरती भाग जाती है। इस बात से सत्तू को काफी दुख होता है। इसके बाद कहानी सीधे 5 साल आगे बढ़ जाती है। जहां सत्तू IAS ऑफिसर और आरती PCS ऑफिसर बन जाती हैं। कहानी में ट्विस्ट आते हैं जिसमें आरती के उपर काफी आरोप लगे होते हैं और सत्तू उस केस की जांच करता है। इसके बाद क्या होता है फिल्म में ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

डायरेक्शन-

शादी में जरूर आना फिल्म को रत्ना सिन्हा ने डायरेक्ट किया है। बता दें बतौर डायरेक्टर ये उनकी पहली फिल्म है। फिल्म में कई मुद्दे उठाए गए हैं जिनमें दहेज प्रथा, लड़कियों की शिक्षा और जॉब भी शामिल है। लेकिन इन सामाजिक मुद्दों के साथ फिल्म आगे बढ़ने में कामयाब नहीं हो पाती है। फिल्म के क्लाइमेक्स पर और ज्यादा काम किया जा सकता था।

एक्टिंग-

शादी में जरूर आना फिल्म में राजकुमार राव ने काफी दमदार एक्टिंग की है। राजकुमार दोनों ही किरदारों (लवर और ऑफिसर) में काफी जमते हैं। इसके साथ ही कीर्ति खरबंदा ने भी अच्छी एक्टिंग की है और वो अपने किरदार को निभाने में सक्षम रही हैं। इसके साथ ही फिल्म के बाकी को एक्टर्स ने भी काफी अच्छी एक्टिंग की है।

कमजोर कड़ियां-

फिल्म की कमजोर कड़ियों में इसकी कहानी है। कहानी की शुरुआत तो दिलचस्प होती है पर इंटरवल के बाद कहानी बिखर जाती है। मुद्दा फर्स्ट हाफ में आपको बांधने की कोशिश करता है वो सेकेंड हाफ में छूटता हुआ दिखाई देता है जिसको टाइट किया जाता तो फिल्म किसी और लेवल की बनकर सामने आती।

म्यूजिक-



शादी में जरूर आना फिल्म का म्यूजिक ठीक ठाक है।फिल्म में 'पल्लो लटके' का रीमेक भी है। यह गाना शायद आपको पसंद आ सकता है। फिल्म का म्यूजिक और अच्छा हो सकता था। फिल्म रिलीज के पहले भी म्यूजिक कोई खास माहोल नहीं बना पाया। हालांकि फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक अच्छा है।

शादी में जरूर आना फिल्म देखें या नहीं-

फिल्म की कहानी लड़कियों की शिक्षा, नौकरी और समानता के अधिकार के साथ-साथ दहेज प्रथा की तरफ भी ध्यान आकर्षित करने का प्रयास करती है। अगर आपको राजकुमार राव और कीर्ति खरबंदा को पसंद करते हैं तो आप शादी में जरूर आना फिल्म देख सकते हैं। सामाजिक मुद्दों पर हल्की फुल्की फिल्म है। लेकिन फिल्म आपको सरप्राइज नहीं करेगी। हालांकि एक बार देखी जा सकती है फिल्म।


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