ख़ास रिपोर्ट

एक किन्नर की वजह से लालू प्रसाद यादव का परिवार हो रहा है बर्बाद! पढ़ें पूरी कहानी

icon अमितेष युवराज सिंह | 4
2137
| जुलाई 25 , 2017 , 20:45 IST | नयी दिल्ली

राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का परिवार इन दिनों मुश्किलों में घिरा हुआ है। डिप्टी सीएम बेटे तेजस्वी यादव, राज्यसभा सांसद बेटी मीसा भारती और बड़े बेटे स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव पर सीबीआई और ईडी की जांच चल रही है और एफआईआर दर्ज हो चुकी है। लालू प्रसाद यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर भी आय से अधिक संपत्ति के मामले को लेकर एफआईआर दर्ज है। आखिर ऐसी क्या बात हो गई कि पूरे परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा।

555

दरअसल, इस सबके पीछे एक किन्नर है! एक किन्नर का दावा है कि लालू परिवार का ये हाल उनकी वजह से हुआ है। इस किन्नर का नाम है शबनम मौसी। शबनम मौसी का दावा है कि उनकी वजह से लालू एंड फैमिली का ये हाल हो रहा है।

एक इंटरव्यू में शबनम पूरी कहानी बताती हुईं कहती हैं कि साल 2008 में उन्होंने मध्य प्रदेश के कोटमा विधानसभा से लालू की पार्टी 'राजद' से चुनाव लड़ा था। चुनाव से पहले लालू प्रसाद ने कहा कि वह चुनाव प्रचार करने आएंगे लेकिन वह नहीं आए। लालू ने उनसे चुनाव में आर्थिक मदद देने की भी बात कही थी लेकिन उन्होंने वह मदद भी नहीं दी। शबनम का कहना है कि इसी वजह से वह चुनाव हार गईं। चुनाव में शबनम को महज 650 वोट मिले थे।

Shabnam-Mausi

शबनम का कहना है कि लालू अगर अपने किये गए वादे को पूरा कर देते तो वह कोटमा से चुनाव जीत जातीं क्योंकि कोटमा विधानसभा में कोयला खदानों में काम करने वालों में यूपी और बिहार के ज्यादा लोग हैं। ऐसे में अगर लालू प्रचार के लिए आते तो वह विधायक बन जातीं।

शबनम का कहना है कि हार के बाद वो लालू से मिलने दिल्ली गई थी। वहां पर लालू ने उनकी हार का मजाक बनाया था। लालू ने अपने समर्थकों से आने-जाने के किराये के रूप में उन्हें 10 हजार रुपये देने को कहा था। ये बात शबनम मौसी को इतनी बुरी लगी कि उन्होंने लालू और उनके परिवार को बर्बादी का श्राप दे दिया था। उनका कहना है कि उनके श्राप की वजह से ही लालू का परिवार मुसीबतों में है।

Main72

कौन हैं शबनम मौसी 

शबनम मौसी देश की पहली किन्नर एमएलए हैं। उन्होंने फरवरी 1998 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मध्य प्रदेश के सोहागपुर सीट से चुनाव लड़ा था। पहली बार में ही उन्होंने 18000 से ज्यादा वोट से जीत दर्ज की थी। दूसरी बार का चुनाव उन्होंने मध्य प्रदेश के कोटमा से लड़ा था जिसमें वो बुरी तरह हार गईं। फिर साल 2012 में यूपी के कानपुर कैंट से राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के टिकट पर उन्होंने चुनाव लड़ा जिसमें उन्हें सिर्फ 118 वोट मिले।

344059

आपको बता दें कि शबनम मौसी के पिता आईपीएस अफसर थे। आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई करने के बाद शबनम काम की तलाश में मुंबई आ गईं। यहां उन्होंने अमर-अकबर -एंथोनी, कुंवारा बाप, जनता का हवलदार जैसी फिल्मों में काम किया।

Shabnam

शबनम मौसी पर एक फिल्म भी बन चुकी है। इनका नाम शबनम मौसी था। इसमें एक्टर आशुतोष राणा ने शबनम मौसी का किरदान निभाया था।


author
अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं

कमेंट करें