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सावन शिवरात्रि: जानिए कैसे करें भगवान शिव को प्रसन्न, क्या है पूजा विधि?

कीर्ति सक्सेना, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 21 , 2017 , 12:59 IST | नई दिल्ली

आज सावन महीने की मासिक शिवरात्रि है। वैसे तो हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भी मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है, लेकिन सावन महीने में आने वाली शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि भगवान भोलेनाथ की आराधना करने से भोलेनाथ अपने भक्तों की पुकार तुरंत सुन लेते हैं।

सावन शिवरात्रि का पावन दिन पर मंदिरों में सुबह से ही भक्त भोलेनाथ के जयकारे लगाकर दर्शन के लिए लाइन में लगे हैं। शिवजी सिर्फ एक लोटा जल से भी प्रसन्न हो जाते हैं। सभी शिवभक्तों को फाल्गुन महीने के बाद सावन महीने की शिवरात्रि का खास तौर पर इंतजार रहता है। इस शिवरात्रि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि सावन में भगवान शिव का जल अभिषेक करना बहुत पुण्य माना जाता है।

सावन के पूरे महीने शिवभक्त बम भोल, हर हर महादेव के नारे लगाते भगवान शिव की भक्ति में डुबे नजर आते हैं। शिवरात्रि के दिन भगवान शिव के जलाभिषेक करने के लिए भक्त हरिद्वार,गौमुख से कांवड लेकर आते है और शिवलिंग पर चढ़ाते है।

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पूजन का सही समय

21 जुलाई को रात्रि 9 बजकर 49 मिनट से चतुर्दशी तिथि से आरंभ होगी और अगले दिन यानि 22 जुलाई को शाम 6 बजकर 27 मिनट तक रहेगी।

पूजा की विधि

भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, भांग, शहद आदि अर्पित कर पूजा करें, ऐसा करने से ये माना जाता है कि परिवार की सभी सेहत से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। बता दें कि शिवपुरण के मुताबिक, भोलेनाथ को बेलपत्र बेहद प्रिय होते है।

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