राजनीति

याकूब की फांसी का विरोध करने वाले गोपालकृष्ण को क्यों बनाया उम्मीदवार: शिवसेना

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 17 , 2017 , 17:24 IST | नई दिल्ली

यूपीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी पर शिवसेना ने निशाना साधते हुए उन्हें याकूब का समर्थक बताया है। शिवसेना ने कहा कि कांग्रेस ने गोपाल कृष्ण गांधी को उम्मीदवार बनाकर संकीर्ण सोच दिखाई है। इससे पहले सोनिया गांधी ने चुनाव में संकीर्ण और सांप्रदायिक सोच के खिलाफ वोट करने की अपील की थी।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि गोपाल कृष्ण गांधी ने 1993 के मुंबई धमाकों के दोषी याकूब की फांसी रुकवाने की कोशिश की है और कांग्रेस की ओर से उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाना विपक्ष की संकीर्ण सोच दर्शाता है।

केंद्रीय मंत्री और शिवसेना सांसद अनंत गीते ने भी पार्टी के बयान का समर्थन किया है। गीते ने कहा कि गोपाल कृष्ण गांधी को लेकर संजय राउत ने जो बयान दिया है वह एकदम सही है। वहीं सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा है कि हमें शिवसेना के बयान पर प्रतिक्रिया देने की जरुरत नहीं है।

मुंबई धमाके के आरोपी याकूब मेमन को केंद्र में कांग्रेस की सरकार रहते हुए फांसी देने का ऐलान हुआ था जिसके खिलाफ़ बहुत आवाजें बुलंद हुई थी। याकूब खुद अपनी फांसी को रद्द करवाने के लिए जिरह कर रहा था। इस बीच एक आवाज़ गोपालकृष्ण गांधी की थी। गांधी ने राष्ट्रपति को ख़त लिखकर यह गुजारिश की थी कि याक़ूब की फांसी की सज़ा रद्द की जाए। अपनी दलील में गोपालकृष्ण गांधी ने कहा था कि जब याकूब ने भारतीय व्यवस्था के सामने खुद को सुपुर्द किया और उससे कानून से सहयोग की बात भी सामने आई हो तब उसे फांसी दिए जाना ठीक नहीं।


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