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Like a Rolling Stone: आखिरकार बॉब डिलन ने स्वीकार किया साहित्य का नोबल पुरस्कार

icon कुलदीप सिंह | 0
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| अप्रैल 3 , 2017 , 15:04 IST | स्टॉकहोम

महीनों से चल रही अनिश्चितता और विवाद के बीच आखिरकार दुनिया के मशहूर गीतकार बॉब डिलन ने साहित्य का नोबल पुरस्कार (2016) ग्रहण कर लिया। स्वीडिश एकेडमी ने इसकी अधिकारिक घोषणा की है। बता दें कि बीते साल 2016 के अक्टूबर में ही साहित्य के नोबल पुरस्कार की घोषणा हुई थी।

स्वीडिश अकेडमी की स्थायी सचिव सारा डेनियस ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा है कि सटॉकहोम में एक निजी समारोह आयोजित कर 75 साल के बॉब डिलन को नोबल पुरस्कार, गोल्ड मेडल और डिप्लोमा से सम्मानित किया गया है।

गौरतलब है कि बॉब डिलन ने हमेशा से अमेरिका की साम्राज्यवादी नीतियों का विरोध किया है और यही कारण है कि उन्होंने नोबल पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया था। 

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बॉब डिलन के गीतों ने पूरी दुनिया में इतनी लोकप्रियता बटोरी कि साल 2016 का साहित्य नोबेल पुरस्कार इस गीतकार-गायक को ही मिल गया। इनके गीतों को भारत में भी बेहद पसंद किया जाता है, इतना कि इनकी धुनों पर भारतीय संगीत का दिल धड़कता है।

कह सकते हैं कि बॉब डिलन ने भारत में अब तक कदम नहीं रखा है मगर जन जन तक पहुंचा है उनका संगीत। अब तो डिलन पहले गीतकार बने हैं जिन्हें उनके गीतों के लिए नोबेल दिया गया है। कवियों को तो उनके गीतों के लिए नोबेल पुरस्कार पहले भी दिए जा चुके हैं।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बॉब डिलन की प्रशंसा करते लिखा है कि,

अमेरिकी संगीत के इतिहास में बॉब डिलन से बड़ा संगीत का सितारा और कोई नहीं है, मेरे कहने का मतलब है कि मैं इनका सबसे बड़ा फैन हूँ

भारत के संगीत का दिल भी बॉब डिलन के लिए घड़कता है

50 साल से अधिक के अपने करियर में बॉब डिलन ने खुद कभी एशिया महाद्वीप की जमीं पर कदम नहीं रखा है, इसके बावजूद भारत के संगीत का दिल उनकी धुन पर थिरकता है। इनकी धुन आपको हिन्दी और बांग्ला गानों के धुनों में घुलती खूब मिल जाएगी।

बॉब डिलन के सबसे लोकप्रिय गीतों में मिस्टर टैंबूरिन मैन से लेकर लाइक ए रोलिंग स्टोन, ब्लोइंग इन द विंड और द टाइम्स दे आर चेजिंग शामिल हैं। साठ के दशक में अपने गिटार और माउथऑर्गन के साथ संगीत की दुनिया में आए बॉब डिलन को लोकगीतों का रॉक स्टार भी कहा जाता है।

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अमेरिका के विरोध की राष्ट्रीय धुन हो गया था डिलन के गीत

बॉब डिलन मतलब अमेरिकी संगीत इतिहास का एक बहुत बड़ा सितारा। 1960 का वो जमाना था जब अमेरिका के क्रांतिकारियों के दिल में इनका गीत ‘द टाइम्स दे आर चेजिंग’ ही जोश और तूफान भरता था। विरोध की राष्ट्रीय धुन हो गया था डिलन का गीत।
वह जमाना अमेरिका में नागरिक अधिकार आंदोलन का था और युद्ध के खिलाफ देश की युवा पीढ़ी इसी गीत से आवाज बुलंद करती थी। किसी ने सच कहा है बॉब डिलन अमेरिका में अपने पीढ़ी के प्रवक्ता थे।

बॉब डिलन के प्रति जुनूनी हैं भारतीय संगीतकार

यह अचरज की बात है कि अपने समकालीन गायकों और गीतकारों की तरह डिलन कभी भारत नहीं आए, ना ही उन्होंने कभी हरिद्वार-ऋषिकेश का तीर्थ किया, न कोई उनके भारतीय आध्यात्मिक गुरू हैं और ना ही बॉलीवुड के गीतों पर इनका कोई प्रभाव है।

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बावजूद इसके कई भारतीय संगीतकार बॉब डिलन को जीते हैं औऱ उनका संगीत इनके संगीत से धड़कता है। इ

सुनिए बॉब डिलन का गाना Like a Rolling Stone


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कुलदीप सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में कार्यकारी संपादक हैं

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