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न धूम न धमाका, इस बार नो पटाखा, ऐसे मनाएं हैप्पी ग्रीन दिवाली

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 11 , 2017 , 15:20 IST | नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने जब से दिल्ली-एनसीआर में दिवाली में पटाखे फोड़ने पर बैन लगा दिया है तभी से बच्चों के चेहरे लटक गए हैं। बड़ों के भी उत्साह फीके पड़ गए हैं। दिवाली पर सिर्फ पटाखों की रोशनी और आवाज से ही खुशियां नहीं मनाई जा सकती है। दिवाली की खुशी को सेलीब्रेट करने के लिए पटाखों के अलावा और भी कई ग्रीन तरीके हैं। आइए हम बताते हैं आपको ग्रीन दिवाली मनाने के शानदार तरीके।

Diya 2

मिट्टी के दीए जलाएं

इस दिवाली जितना हो सके 3- से 4 दिन मिट्टी के दिए जलाएं। इससे मिट्टी के दिए बनाने वाले को तो सहारा मिलेगा ही साथ ही इस त्योहार की परंपरा का भी पालन होगा।

Rangoli 1

प्राकृतिक फूलों का करें इस्तेमाल

इस दिवाली कागज के या फिर कपड़ें के फूलों से घर को सजाने से अच्छा है कि ओरिजनल फूलों से घर को सजाया जाए। आर्टिफिशियल फूल पर्यावरण के लिए हानिकारक होते हैं। वहीं ओरिजनल फूल न केवल घर को खुशबू से महकाते हैं बल्कि इनकी ताजगी से मन भी खुश हो जाता है। ओरिजनल फूलों से रंगोली भी बनाइ जा सकती है।

गिफ्ट में दें हर्बल प्रॉडक्ट

इस दिवाली अगर किसी को गिफ्ट करना चाहते हैं तो हर्बल प्रॉडक्ट जैसे हाथों से बनी कैंडल, आर्गेनिक गिफ्ट बास्केट या फिर स्पेशल पौधए गिफ्ट कर सकते हैं।

पुरानी चीजों को करें रिसाइकिल

इस दिवाली सभी लोग अपना पुराना सामान बाहर निकालते हैं। इसलिए इस पुराने सामान जैसे कपड़े, जूते को उन लोगों को दें दें जिनको इनकी बेहद जरूरी है।

Diwali 2

सजावट में भी रखें पर्यावरण का खयाल

याद कीजिए अपना घर सजाने के लिए रंगीन कागज और रंगोली का इस्‍तेमाल होता था। हैंड मेड पेपर से बनी कंदील आदि चीजें छतों से टंगी हुयी घर की शोभा बढ़ाती थीं। लेकिन, बीते कुछ सालों में घर सजाने में प्‍लास्टिक के सामान का इस्‍तेमाल बहुत बढ़ गया है। दिवाली पर तो यह घर सजाने के काम आते हैं, लेकिन कुछ‍ दिनों बाद ही ये सड़कों और गलियों में बिखरे देखे जा सकते हैं। ये नालियां तो जाम करते ही हैं साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाते हैं। क्‍योंकि आप सभी जानते हैं कि प्‍लास्टिक गलता नहीं है। नतीजतन इसके असर दुष्‍प्रभावों के बारे में सोचना चाहिए।

इको-फ्रेंडली पटाखे भी हैं बाजार में

हालांकि इस बार पटाखा बाजार भी प्रदूषण से निपटने के लिए तैयारी कर मैदान में उतरा है। इस बार आप बाजार जाएं तो आपको इको फ्रेंडली पटाखे मिल जाएंगे। इनसे आवाज और धुआं भी कम निकलता है। समस्‍या यह है कि इन्‍हें ज्‍यादा पसंद नहीं कर रहे हैं, बड़ी तादाद में युवा वर्ग को शोर वाले पटाखे ही पसंद आते हैं।

 

 

 


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