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घाटी में सोशल मीडिया बैन है लेकिन फिर भी VPN के ज़रिए चल रहा है ‘KashBook’

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 17 , 2017 , 19:20 IST | श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर सरकार ने घाटी में आतंकी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए 26 अप्रैल को 22 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक महीने के लिए बैन लगाया था, जिसमे व्हाट्स-एप, फेसबुक और ट्विटर जैसे लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग साइट भी शामिल हैं। 

अब जब कश्मीर में फेसबुक पर रोक है, लोग एक दूसरे से कनेक्ट नहीं हो पा रहे हैं, तो ऐसे में अनंतनाग ज़िले के महज 16 साल के जियान शफीक़ ने कश्मीरियों के लिए एक अलग ही सोशल मीडिया एप तैयार कर दिया है। फेसबुक से मिलते जुलते इस एप का नाम 'काशबुक' रखा गया है। एप का साइज महज 1.40 एमबी है और इसको अभी तक करीब एक हजार लोग डाउनलोड कर चुके हैं। इस एंड्रॉयड एप को 4.7 स्टार रेटिंग भी मिली हुई है।

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आपको बता दें, अनंतनाग जिले के इस लड़के ने अभी 10वीं की पढ़ाई पूरी की है। 16 साल की उम्र से ही सॉफ्टवेयर में काफी दिलचस्पी रखने वाले इस लड़के के पिता बिजनेसमैन हैं, जबकि मां सरकारी कर्मचारी हैं। जब घाटी में सोशल मीडिया पर बैन लगाया गया तो लोगों ने वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था, जिसके बाद शफीक ने खुद की सोशल मीडिया वेबसाइट डेवलप की औैर इसका एप वर्जन लॉन्च किया। इस काम में उसने श्रीनगर के 19 साल के एक अन्य स्टूडेंट की भी मदद ली है। जिसके बाद सरकार ने वीपीएन पर भी रोक लगा दी।

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वीपीएन क्या है?


वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क्स यानी वीपीएन एक तरह का प्रॉक्सी सर्वर है। इसके इस्तेमाल से यूजर अपनी डिवाइस पर इंटरनेट एक्सेस कर सकते हैं। इतना ही नहीं वो बैन वेबसाइट को भी खोल सकते हैं।

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वीपीएन के कई ऑप्शन हैं। इन पर खर्च भी अलग-अलग होता है। खर्च स्पीड और Encryption पर निर्भर करता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पर 400 से एक हजार रुपए महीना तक खर्च होता है।

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गौरतलब है कि, शफीक और उनके मित्र ने इसे 2013 में ही बना दिया था। तब शफीक 13 के थे और उनके मित्र उजेर जेन 17 साल के। शफीक को किशोरावस्था से ही कोडिंग में काफी दिलचस्पी थी। उनके पिता सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और निश्चित रूप से उन्हें इसकी प्रेरणा पिता से ही मिली होगी। बचपन से ही उन्होंने शफीक को लैपटॉप पर काम करने दिया। शफीक ने जब एचटीएमएल टैग्स लिखने शुरू किए, उसकी कोडिंग में भी रुचि बढ़ी।

शरीफ का कहना है कि

शुरू में मैं केवल एचटीएमएल में लगा रहता था, फिर पीएचपी, सीएसएस और अन्य चीजें करता गया।
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