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आज लगेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 100 साल बाद बन रहा है ऐसा अद्भुत संयोग

आरती यादव, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 21 , 2017 , 08:07 IST | नई दिल्ली

सोमवार को साल 2017 का दूसरा पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने वाला है। पहला सूर्य ग्रहण 26 फरवरी को पड़ा था। 21 अगस्त को होने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारतीय समय के मुताबिक यह ग्रहण रात में 9.15 मिनट से शुरू होगा और 22 अगस्त को रात में 2.34 मिनट पर खत्म होगा। इस समय भारत में रात होती है तो ऐसे में यहां सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा।

इन जगहों पर दिखाई देगा सूर्य ग्रहण

यह सूर्य ग्रहण प्रशांत महासागर, उत्तरी-दक्षिणी अमेरिका के कुछ हिस्से, यूरोप के पश्चिमी-उत्तरी हिस्से, पूर्वी एशिया, उत्तर पश्चिमी अफ्रीका आदि क्षेत्रों में दिखाई देगा। हालांकि, भारत के लोग इस सूर्य ग्रहण का दीदार नासा की वेबसाइट के जरिए कर सकते हैं। नासा सूर्य ग्रहण का लाइव प्रसारण करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक नासा ने 12 जगहों से सूर्य ग्रहण को कवर करने की योजना बनाई है। वहीं नासा इसे रिसर्च प्लेन, गुब्बारों और सैटेलाइट से भी कवर करेगा।

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यह सूर्य ग्रहण है खास

इस बार का सूर्य ग्रहण खासा माना जा रहा है क्योंकि वैज्ञानिकों का दावा है कि 100 साल बाद सोमवार को सूर्य ग्रहण का यह खास संयोग देखने को मिलेगा। इस खगोलीय घटना को लेकर दुनिया भर के वैज्ञानिकों के साथ आम लोग भी उत्साहित हैं। वे इस सूर्य ग्रहण का दीदार करने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। नासा ने भी इस सूर्य ग्रहण को खास बताया है। नासा ने अपने जारी बयान में कहा गया है कि 1918 के बाद पहली बार 100 साल बाद ऐसा अवसर आया है जब यह सूर्य ग्रहण पूरे अमेरिकी महाद्वीप में पूर्ण दिखाई देगा। इस दिन अमावस्या भी रहेगी।

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सूर्य ग्रहण देखते समय बरतें सावधानी

सूर्य ग्रहण को देखते समय कुछ बातों की सावाधानी जरुर रखें। नंगी आंखों से सूर्य और चंद्र दोनों ग्रहणों को नहीं देखना चाहिए। वैज्ञानिक भी इस तरह करने की मनाही करते हैं। बताया जाता है कि प्रमाणित टेलिस्कॉप के जरिए ही ग्रहण के दीदार करें।

इसके पीछे वजह है कि नंगी आंखों से ग्रहण देखने से इसका असर आंखों पर पड़ सकता है, क्योंकि इस दौरान चंद्र और सूर्य से अल्ट्रावॉयले किरणें निकलती हैं। इसलिए विशेष चश्में से भी इसका दीदार कर सकते हैं। सूर्य ग्रहण देखने के लिए सोलर फिल्टर भी उपयोग में लाया जा सकता है। अगर आप सूर्य ग्रहण की पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड करना चाहते हैं तो आपको हाई रेजूलेश्न वाले कैमरों का इस्तेमाल करना पड़ेगा।