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मोदी सरकार की बड़ी पहल, रेल से कनेक्ट होंगे चार धाम खर्च होंगे 40000 करोड़ रुपए

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 11 , 2017 , 16:06 IST | नई दिल्ली

उत्तराखंड में चारधाम की यात्रा करने वाले श्रृद्धालुओं को जल्द ही रेल से कनेक्ट कर दिया जाएगा। 327 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट पर रेलवे 40 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगा। प्रोजेक्ट के लिए सर्वे इसी जल्द ही पूरा हो जाएगा।  

 

रेल विकास निगम करेगा सर्वे

पब्लिक सेक्टर यूनिट रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) को देहरादून और कर्ण प्रयाग के जरिए गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ को रेल कनेक्टिविटी देने के लिए फाइनल सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले RVNL ने 2014-15 जमीनी इंजीनियरिंग सर्वे किया था और अपनी रिपोर्ट अक्टूबर 2015 में सौंपी थी।

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327 किलोमीटर रेल रूट पर बनेंगे 21 स्टेशन

 

2014-15 में हुए सर्वे में कहा गया कि चारों धामों को जोड़ने के लिए 327 किलोमीटर के रेल रूट की जरूरत पड़ेगी और इसमें 43,292 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। सर्वे में 21 नए स्टेशन, 61 टनल्स और 59 ब्रिज की सिफारिश की गई थी।

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इन जगहों पर होंगे अहम स्टेशन

 

सर्वे के मुताबिक रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती हिमालय की पहाड़ियों में रेल लाइन बिछाने की है। 

चारों धामों के सबसे करीब पड़ने वाले रेलवे स्टेशन भी प्रपोज किए गए हैं। सिंगल ब्रॉडगेज लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का फाउंडेशन स्टोन बद्रीनाथ में 13 मई को रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु रखेंगे।

 

 

हिमालय में रेल लाइन बिछाना बेहद मुश्किल

 

यमुना का उद्गम माना जाने वाला यमुनोत्री समुद्र तल से 3,293 मीटर, गंगोत्री 3,408, केदारनाथ 3,583 और बद्रीनाथ समुद्र तल से 3,133 मीटर की ऊंचाई पर है।

रेलवे के मुताबिक, "अभी तक यहां जाने के लिए यात्री दुर्गम रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। यहां तक रेल रूट का इंतजाम होने से यात्रियों का का सफर आरामदायक हो जाएगा। ऋषिकेश और कर्ण प्रयाग के बीच नई रेल लाइन बिछाने के प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। इन रेल प्रोजेक्ट्स के पूरा होने पर राज्य में टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।



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