राजनीति

मनमाफिक मिनिस्ट्री नहीं मिलने से नितिन पटेल नाराज, दे सकते हैं इस्तीफा : सूत्र

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 1 , 1970 , 05:30 IST | गांधीनगर

गुजरात विधानसभा चुनाव खत्म हो गए हैं और बीजेपी को जीत भी हासिल हो गई है, लेकिन सियासी पारा ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा। गुजरात मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा हो चुका है। ऐसे में खबर आ रही है कि डिप्टी सीएम नितिन पटेल नाराज चल रहें हैं। नितिन पटेल की नाराजगी की वजह उन्हें कद के मुताबिक पद ना मिलनी की बताई जा रही है।पटेल इतने खफा हैं कि उन्होंने बीजेपी हाईकमान को 3 दिन का अल्टीमेटम दे दिया है।

पटेल ने कैबिनेट से इस्तीफा देने की बात भी कही है। हालांकि अगले 2-3 दिनों तक वे पार्टी हाईकमान के फैसले का इंतजार करेंगे।लेकिन बीजेपी सूत्रों की मानें तो पार्टी ऐसे ऑप्शन पर विचार कर रही है, ताकि पटेल का सम्मान भी बना रहे और सीएम विजय रूपाणी की जिद को भी ठेस न पहुंचे।

गुजरात के पाटीदार नेता और चुनाव में कांग्रेस का साथ दे रहे हार्दिक पटेल ने न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा है कि अगर नितिन पटेल बीजेपी से इस्तीफा दे कांग्रेस ज्वाइन कर लें तो उन्हें कांग्रेस की सरकार में अच्छा पद और पोर्टफोलियो दिया जाएगा। 

पिछली सरकार में उनके पास वित्त, शहरी विकास, उद्योग और राजस्व मंत्रालय था लेकिन इस बार वित्त मंत्रालय सौरभ पटेल को दे दिया गया है। नितिन पटेल गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में देर पहुंचे थे। ख़बर के मुताबिक नाराज़ नितिन पटेल के मनाने खुद मुख्यमंत्री विजय रूपाणी गए थे जिसके बाद वो 5 बजे शुरू होने वाली बैठक में रात नौ बजे आए। सूत्रों के मुताबिक नितिन पटेल ने कहा है कि अगर उन्हें वित्त मंत्रालय नहीं दिया गया तो वो आत्मसम्मान को ठेस पहुंचने के नाम पर इस्तीफ़ा भी दे सकते हैं।

यह भी कहा जा रहा है कि डिप्टी सीएम पटेल ने सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है और वह निजी व्हीकल से आ-जा रहे हैं। शुक्रवार को ज्यादातर मंत्रियों ने अपने विभागों का कार्यभार संभाल लिया, लेकिन नितिन पटेल ने देर शाम तक ऐसा नहीं किया।

पटेल को दूसरी बार उपमुख्यमंत्री बनाया गया है, लेकिन उनसे वित्त, नगर विकास और नगरीय आवास के अलावा पेट्रो रसायन जैसे अहम विभाग छीन लिए गए। 26 दिसंबर को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण के बाद गुरुवार को देर रात मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हुआ।

अब पटेल के पास मार्ग और मकान, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, नर्मदा, कल्पसर और राजधानी परियोजना जैसे विभाग हैं। इससे नितिन पटेल नाराज बताए जा रहे हैं।

 


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