राजनीति

समाजवादी पार्टी में सियासी संकट! बुक्कल नवाब समेत 3 MLC ने अखिलेश का साथ छोड़ा

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 29 , 2017 , 13:31 IST | नई दिल्ली

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लखनऊ पहुंचते ही समाजवादी पार्टी के तीन एमएलसी बुक्कल नवाब, यशवंत सिंह और मधुकर जेटली ने पार्टी और विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया है।

ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि ये तीनों नेता बीजेपी ज्वाइन करेंगे। बुक्कल नवाब के सपा छोड़ने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि बीजेपी उनके एमएलसी को तोड़ रही है। एमएलसी को तोड़ना भ्रष्टाचार है। उनके एमएसली को कैद किया जा रहा है। बुक्कल नवाब पर अखिलेश ने कहा कि वे उनसे बाते करेंगे अगर वे कैद नहीं हुए हैं तो।

 

इसके अलावा बीएसपी एमएलसी जयवीर सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया है।

शनिवार को इस्तीफा देते हुए नवाब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर अयोध्या में बनना चाहिए।  ये कहकर उन्होंने बीजेपी में शामिल होने के संकेत दे दिए। वहीं पीएम और यूपी के सीएम की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी अच्छा काम कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने 'सबका साथ, सबका विकास' का अच्छा नारा दिया है। बीजेपी में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि अगर बुलावा आता है तो वे जा सकते हैं। सीएम योगी के लिए बुक्कल नवाब ने कहा कि योगी अच्छा काम कर रहे हैं। कम से कम कोई घोटाला तो नहीं हुआ है।

बुक्कल नवाब ने कहा कि पिछले एक साल से मुझे बहुत घुटन महसूस हो रही थी। समाजवादी पार्टी अब 'समाजवादी अखाड़ा' बन गई है। अखिलेश पर निशाना साधते हुए बुक्कल ने कहा कि यह स्पष्ट है कि जब वह अपने पिता के साथ नहीं हैं, तो वह किसके साथ हो सकते हैं। मैं मुलायम सिंह यादव का बहुत सम्मान करता हूं। सपा में और भी लोग इस्तीफा दे सकते हैं।

दरअसल इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि सूबे की सत्‍ता में काबिज बीजेपी को अपने मंत्रिमंडल के कई चेहरों को विधान परिषद में भेजना है। इस कड़ी में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, दो डिप्‍टी सीएम दिनेश्‍ा चंद्र शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य के अलावा मोहसिन रजा और स्‍वतंत्र देव सिंह के नाम शामिल हैं। मंत्रिमंडल का सदस्‍य होने के नाते इनको किसी सदन का सदस्‍य होना जरूरी है, जोकि अभी ये नहीं हैं। इसी कड़ी में सपा के तीन एमएलसी के इस्‍तीफों को जोड़कर देखा जा रहा है।

बुक्कल नवाब, यशवंत सिंह और मधुकर जेटली के इस्तीफा देते ही विधान परिषद में तीन सीटें खाली हो गईं हैं। इसी के साथ कयास लगाए जाने लगे हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो मंत्रियों मोहसिन रजा और स्वतंत्र देव सिंह के साथ विधानपरिषद जा सकते हैं। इसका मतलब है कि हो सकता है योगी आदित्यनाथ विधानसभा चुनाव न लड़ें।


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