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भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल पूरे होने पर 9 अगस्त को होगी संसद की विशेष बैठक

अमरेन्द्र कुमार,न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 4 , 2017 , 16:22 IST | नयी दिल्ली

9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके को याद करने के लिए सरकार ने संसद की विशेष बैठक बुलाने का फैसला किया है। नौ अगस्त कोई संसद में दूसरा काम नहीं होगा। संसद के दोनों सदनों में सिर्फ भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़ी तमाम पहलुओं पर चर्चा होगी। 

 

नौ अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन को याद करते हुए देश की आज़ादी में आंदोलन की भूमिका के महत्व पर चर्चा होगी। लोकसभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज चर्चा की शुरूआत करेंगी, जबकि राज्यसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली चर्चा की शुरुआत करेंगे। चर्चा में सत्ता और विपक्ष की ओर से तमाम बड़े नेता शामिल होंगे। लोकसभा में विपक्ष की तरफ़ से मल्लिकार्जुन खड़गे, मुलायम सिंह यादव और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा चर्चा में शिरकत करेंगे। वहीं राज्यसभा में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, नेता विपक्ष ग़ुलाम नबी आज़ाद, राम गोपाल यादव, शरद यादव, सीताराम येचुरी और बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा समेत सभी दलों के प्रमुख नेता भी चर्चा में भाग लेंगे।

भारत छोड़ो आंदोलन का इतिहास: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत को तुरंत आजादी दिलाने के लिए ब्रिटिश सरकार के खिलाफ 9 अगस्त 1942 एक सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू किया जिसे 'भारत छोड़ो आंदोलन' नाम दिया गया। 8 अगस्त 1942 की शाम को बम्बई में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के बम्बई सत्र में 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' का नाम दिया गया था। हालांकि गांधी जी को फौरन गिरफ्तार कर लिया गया था। गांधी जी के साथ भारत कोकिला सरोजिनी नायडू को पुणे के आगा खान पैलेस में और डॉ. राजेंद्र प्रसाद को पटना जेल में बंद कर दिया गया। लेकिन इस महान आंदोलन की जिंगारी पूरे देश में बड़ी तेजी से फैल गई। अहिंसा के पुजारी गांधी जी ने युवाओं को उतप्रेरित करते हुए नारा दिया 'करो या मरो'। आंदोलन की विकरालता को देख कर आंग्रेजों के होश उड़ गए। आंदोलन को दबाने के लिए ब्रिटिश हुकूमत ने काफी तल्ख रवैया अख्तियार किया फिर भी इस विद्रोह को दबाने में सरकार को सालभर से ज्यादा समय लग गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इन आंदोलन में 940 लोग मारे गए, जबकि 1630 लोग घायल हुए।

इस महान क्रांति पर बहस के लिए सरकार ने अच्छी पहल की है। आपको बता दें कि आज़ादी के 70 साल पूरे होने का जश्न सरकार ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर मनाने का फैसला किया किया है। दुनिया के तमाम देशों में भारतीय दूतावास पर 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम किए जाएंगे।


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