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करगिल युद्ध से जुड़ी ये 10 बातें हर भारतीय के लिए जरूरी है...

icon SATISH KUMAR VARMA | 0
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| जुलाई 26 , 2017 , 12:30 IST | दिल्ली

26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने करगिल में जब तिरंगा लहराया, तो ऑपरेशन विजय मुकम्मल हो चुका था। देशभर में करगिल युद्ध के दौरान जीत की याद में इस साल विजय दिवस की अठारवीं सालगिरह मनाई जा रही है। ये शहीदों के उस दर्द की दास्तां है जिसे उन्होंने सीमा पर हमारी रक्षा करने के लिए झेला था। सिपाही न सिर्फ हमारी हिफाजत करते हैं बल्कि वतन की रक्षा के लिए दुश्मनों की गोलियों भी सीने पर खाते हैं। 26 जुलाई का दिन भी जवानों की शहादत की यही दास्तां बयां करता है।

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करगिल युद्ध की कुछ हैरत-अंगेज बातें-

1)आठ मई 1999 को पाकिस्तानी सेना और आतंकियों की घुसपैठ के बाद करगिल युद्ध की शुरूआत हुई थी। नियंत्रण रेखा के पास करगिल जिले के उस इलाके में घुसपैठ हुई, जो लद्दाख को जम्मू-कश्मीर के उत्तरी इलाके से अलग करता है। पाक सेना ने करगिल और द्रास की पहाड़ियों पर कब्जे की कोशिश की थी।

2) करगिल युद्ध में पाकिस्तान के 357 सैनिक मारे गए, लेकिन अपुष्ट आंकड़ों के मुताबिक भारतीय सेना की कार्रवाई में तीन हजार के आस-पास सैनिकों की जान चली गई। भारतीय सेना ने लड़ाई के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों और मुजाहिदीनों के रूप में पहाड़ियों पर कब्जा जमाए आतंकियों को परास्त किया।

3) आईएसआई के पूर्व अधिकारी शाहिद अजीज ने भी माना था कि इसमें नियमित पाकिस्तानी सैनिक शामिल थे।

4) करगिल युद्ध दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्रों में लड़ी गई जंग में शामिल है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान भारतीय सेना के 527 जवान शहीद हुए, जबकि 1363 जवान जख्मी हुए।

5) ऑपरेशन विजय का जिम्मा परोक्ष और अपरोक्ष रूप से करीब दो लाख सैनिकों को   सौंपा गया था। मुख्य युद्ध क्षेत्र करगिल-द्रास सेक्टर में करीब 30 हजार सैनिक मौजूद थे।

6) भारतीय सेना की कार्रवाई में मारे गए घुसपैठियों की तलाशी ली गई, तो उनके पास से पाकिस्तानी पहचान पत्र मिले थे। करगिल जंग में मारे गए ज्यादातर जवान नॉर्दर्न लाइट इंफैंट्री के थे। पहले यह एक अर्धसैनिक बल था, लेकिन 1999 की जंग के बाद इसे पाकिस्तान की नियमित रेजीमेंट में बदल दिया गया।

7) पाकिस्तान के उर्दू डेली में छपे एक बयान में पीएम नवाज शरीफ ने इस बात को माना था कि करगिल का युद्ध पाकिस्तानी सेना के लिए एक आपदा साबित हुआ था। नवाज ने माना था कि पाकिस्तान ने इस युद्ध में 2700 से ज्यादा सैनिक खो दिए। रेड क्रॉस के मुताबिक युद्ध के दौरान पाकिस्तानी कब्जे वाले इलाकों में करीब 30,000 लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े और भारतीय इलाकों में करीब 20,000 लोगों पर असर पड़ा।

8) भारतीय वायुसेना ने करगिल युद्ध में मिग-27 और मिग-29 लड़ाकू विमानों का प्रयोग किया था। मिग-27 की मदद से इस युद्ध में उन स्थानों पर बम गिराए गए, जहां पाक सैनिकों ने कब्जा जमा लिया था। इसके अलावा मिग-29 करगिल में बेहद अहम साबित हुआ। इस विमान से कई ठिकानों पर आर-77 मिसाइलें दागी गई थीं।

9) कारगिल सेक्टर में लड़ाई शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले जनरल परवेज मुशर्रफ ने एक हेलीकॉप्टर से नियंत्रण रेखा पार की थी और भारतीय भूभाग में करीब 11 किमी अंदर एक स्थान पर रात भी बिताई थी।

10) कारगिल की ऊंचाई समुद्र तल से 16000 से 18000 फीट ऊपर है. ऐसे में विमानों को करीब 20,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ना पड़ता था। ऐसी ऊंचाई पर हवा का घनत्व 30 फीसदी से कम होता है। इन हालात में पायलट का दम विमान के अंदर ही घुट सकता है।

 

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कारगिल के वीर:

-महावीर चक्र-मेजर विवेक गुप्ता, मेजर राजेश अधिकारी। 

-वीर चक्र-कश्मीर सिंह, बृजमोहन सिंह, अनुसूया प्रसाद, कुलदीप सिंह, एके सिन्हा, खुशीमन गुरुंग, शशिभूषण घिल्डियाल, रूपेश प्रधान व राजेश शाह। 

-सेना मेडल-तम बहादुर क्षेत्री, हरि बहादुर, मोहन सिंह, नरपाल सिंह, देवेंद्र प्रसाद, जगत सिंह, सुरमान सिंह, डबल सिंह, चंदन सिंह, मोहन सिंह, किशन सिंह, शिव सिंह, सुरेंद्र सिंह व संजय बरशिलिया।

-मेंशन इन डिस्पैच-राम सिंह, हरि सिंह थापा, देवेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, मान सिंह, मंगत सिंह, बलवंत सिंह, अमित डबराल, प्रवीण कश्यप, अर्जुन सेन, अनिल कुमार। 


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Satish Kumar Varma

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