ख़ास रिपोर्ट

मोदी की उज्ज्वला प्रेरणा ''ईदगाह'' का हामिद

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 28 , 2018 , 21:07 IST

किसी युग में संवाद एक कला होती थी लेकिन आज संवाद, कला के साथ-साथ विज्ञान भी है। संवाद एक ऐसा शिल्प है, जिसमें तथ्य और भावनाओं का संतुलित मिश्रण होता है। संवाद में भविष्य, वर्तमान और भूत तीनों तत्व होते हैं लेकिन कुछ तात्कालिक संदर्भ चंद संवादों को ऐतिहासिक बना देते हैं। कल उज्ज्वला योजना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब जम्मू-कश्मीर की महिलाओं से संवाद कर रहे थे, तब इसकी झलक साफ दिखाई दी।प्रधानमंत्री ने इस योजना की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें इसकी प्रेरणा हिन्दी साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद की कहानी ''ईदगाह'' में चिमटा लाने वाले हामिद से मिली।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा छेड़ा गया यह प्रसंग आज पूरे देश में चर्चा का विषय है। पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के दौरे पर नमाज के वक्त प्रधानमंत्री ने अपना भाषण रोक दिया था, फिर रमजान पर देशवासियों को बधाई दी थी। कल जब उन्होंने उज्ज्वला योजना के संदर्भ में हामिद का जिक्र किया तो एक बात साफ नज़र आई कि वह स्वयं को एक मददगार के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। प्रेमचंद ने ''ईदगाह'' में हामिद को ऐसे चरित्र के रूप में पेश किया है, जो अपनी मां की खुशी के लिए मेले से खिलौना या खाने का सामान छोड़ रोटी बनाने के लिए चिमटा लाता है। दरअसल, वह अपनी मां को हर दिन तपती आग पर रोटी बनाता देखता है और कई बार उसकी मां का हाथ जल जाता है इसलिए वह मां को चिमटे की सौगात देकर ईद की खुशी मनाता है।

नरेन्द्र मोदी की यह अच्छाई कहें या कुछ और...वह जो करते हैं, उसका संदेश घर-घर पहुंचाने के लिए पूरी ताकत झोंक देते हैं। उज्ज्वला एक ऐसी योजना है, जिसके माध्यम से उन्होंने उन गरीब परिवारों को रसोई गैस सिलेंडर की मुफ्त सुविधा दी, जो पारम्परिक चूल्हों का इस्तेमाल कर धुएं और प्रदूषण से परेशान थे। सरकार का दावा है कि अब तक 4 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला योजना का लाभ मिल चुका है और इसी योजना का फीडबैक लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जम्मू-कश्मीर में योजना के लाभार्थियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2014 तक 13 करोड़ परिवारों तक LPG गैस कनेक्शन पहुंचा था लेकिन उनकी सरकार ने चार साल में ही 10 करोड़ नएLPG कनेक्शन दे दिए। इससे वनों की कटाई पर अंकुश लगा और वातावरण स्वच्छ बनाने में समाज का सहयोग मिलने लगा।

बेशक 2016 में उज्ज्वला योजना की कल्पना करते वक्त प्रेरणा पुंज कुछ और रहा हो लेकिन कल जब इस विषय पर संवाद हो रहा था, वह भी जम्मू-कश्मीर की महिलाओं से तो हामिद का जिक्र कर नरेन्द्र मोदी ने एक साथ कई निशाने साधे। मुस्लिम महिलाओं को तलाक प्रथा से मुक्ति दिलाने और हज सब्सिडी का पैसा मुस्लिम बेटियों को शिक्षित करने पर खर्च करने का ऐलान कर केंद्र सरकार ने कुछ सहानुभूति बटोरी तो उज्ज्वला योजना में हामिद को प्रेरणा स्रोत बताकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन दिलों में जगह बनाने की कोशिश की है, जो वर्षों से लकड़ी, कोयले के चूल्हे पर रोटियां सेंक-सेंक कर अपने स्वास्थ्य से समझौता कर रही थीं। पेट्रोलियम महंगाई, बेरोजगारी और मध्य वर्ग की नाराजगी को भांपकर भारतीय जनता पार्टी नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2019 में एक ऐसी रणनीति तैयार करती नजर आ रही है, जो बहुसंख्यक गरीब और जरूरतमंदों को "अच्छे दिन" की झलक दिखलाए...इसके साथ ही मोदी यह भी दिखाना चाहते हैं कि शुभचिंतक हामिद भी वही हैं...।


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