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300 whatsapp ग्रुप्स के जरिए जुटती थी भीड़, इंटरनेट सेवा बंद होने से पत्थरबाजी में कमी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 24 , 2017 , 11:45 IST | कश्मीर

कश्मीर में पत्थरबाजी करने वाले लड़कों को जुटाने के लिए WhatsApp का इस्तेमाल किया जा रहा था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया है कि कश्मीर में पथराव करने वालों को जुटाने के लिए तकरीबन 300 व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल किया जा रहा था। हालांकि उसमें से 90 फीसदी अब बंद हो गए हैं।

Kashmir

मुठभेड़ स्थलों पर सुरक्षा बलों के अभियानों को बाधित करने के लिए कश्मीर में पथराव करने वालों को जुटाने के लिए तकरीबन 300 व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल किया जा रहा था। उसमें से 90 फीसदी अब बंद हो गए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह बात कही। इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने से मुठभेड़ों के दौरान पथराव में कमी आई है। पुलिस अधिकारी ने बडगाम जिले में शनिवार की मुठभेड़ के मामले का हवाला दिया। मुठभेड़ में दो आतंकवादियों को मार गिराया गया था। उस दौरान पथराव करने के लिए कुछ ही युवक जुटे थे।

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पुलिस अधिकारी का कहना है कि करीब 300 वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए पत्थरबाजों को सुरक्षा बलों के आतंकरोधी ऑपरेशन की जानकारी दी जाती थी और उन्हें ऑपरेशन किये जा रहे स्थान पर इकट्टठा किया जाता था। लेकिन घाटी में इंटरनेट सेवाएं बंद होने के बाद से ऐसे करीब 90 फीसदी ग्रुप बंद हो गए हैं जिसका असर ये हुआ है कि घाटी में पत्थरबाज़ी की घटनाओं में कमी आई है।


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