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पाकिस्तान में चलता है इस 'हिंदू राजा' का बेखौफ शासन, मुशर्रफ को भी लगता है डर!

अमितेष युवराज सिंह, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 2
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| अगस्त 11 , 2017 , 15:44 IST | नयी दिल्ली

भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में हिंदुओं का बुरा हाल है। हिंदुओं की खराब हालत की खबरें हमें हमेशा सुनने को मिलती रहती है। लेकिन क्या आपको पता है कि पाकिस्तान में एक हिंदू रियासत है जो वहां पर अपना हुक्म चलाती है। ये हिंदू रियासत बड़े शानों-शौकत के साथ पाकिस्तान में रहती है। ये रियासत है उमरकोट की रियासत। पाक के सिंध में बसा उमरकोट पाकिस्तान की एक मात्र हिन्दू रियासत है।

दरअसल,1947 में जब देश का विभाजन हुआ था तो कई हिंदू परिवार पाकिस्तान से भारत में आ गए, लेकिन उमरकोट के राणा ने अपनी जन्मभूमि नहीं छोड़ी और वो वहीं रहे। देश के बंटवारे के बाद यह परिवार पाकिस्तान में इसलिए रह गया क्योंकि उनकी रियासत राजपूताना उमरकोट में थी। यह हिन्दू परिवार पाकिस्तान में डरा नहीं बल्कि बेखौफ होकर आज तक वहीं रह रहा है। अभी इस रियासत के राजा हैं राणा हमीर सिंह। राणा हमीर सिंह पाकिस्तान में इतने शानों-शौकत और बेखौफ होकर रहते हैं जितने वहां के मुसलमान नागरिक नहीं।

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आखिर इस परिवार का पाकिस्तान में इतना रुतबा कैसे हासिल है। उसका जवाब है उनका राजनीतिक रसूख। राणा हमीर सिंह के बेटे हैं करणी सिंह जो अब उमरकोट रियासत के प्रिंस हैं। करणी सिंह की शादी भारत में हुई है। उनकी शादी राजस्थान के कानोता घराने के ठाकुर मान सिंह की बेटी पद्मिनी से हुई है।

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राणा हमीर सिंह के परिवार का पाकिस्तान में कितना रुतबा हासिल है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं राणा हमीर सिंह के पिता राणा चंद्रसेन पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के संस्थापकों में से एक थे। उन्होंने बेनज़ीर भुट्टो की सरकार में कई मंत्रिपद संभाले। चंद्र सिंह सात बार सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे। वे पूर्व पीएम जुल्फिकार अली भुट्टो के करीबी मित्र थे। पीपीपी से अलग होने के बाद राणा चंद्र सिंह ने पाकिस्तान हिंदू पार्टी का गठन किया था, जिसका झंडा केसरिया रंग का था। उसमें ओम और त्रिशूल अंकित थे। राणा चंद्र सिंह का साल 2009 में निधन हो गया। 

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अभी राणा हमीर सिंह के साथ प्रिंस करणी सिंह अक्सर प्रचार करते दिखते हैं। करणी सिंह को शिकार का भी शौक है। वे अक्सर दोस्तों के साथ शिकार करते दिखते हैं। इस दौरान इस राजपूत प्रिंस के साथ बॉडीगार्ड भी मौजूद रहते हैं। ये गार्ड हमेशा एके 47 राइफल और शॉटगन साथ रखते हैं।

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सबसे बड़ी बात ये है कि पाकिस्तान की इस रियासत की रक्षा के लिए वहां के मुसलमान हमेशा खड़े रहते हैं यूं कहिए उनकी हिफाजत वहां के मुसलमान ही करते हैं। पाकिस्तान के मुसलमान ये मानते हैं कि हमीर सिंह का परिवार राजा पुरु (पारस) के वंशज हैं। इसलिए वे हमेशा उनकी सुरक्षा के लिए खड़े रहते हैं।

आपको जानकर हैरानी होगी कि उमरकोट रियासत के साम्राज्य पर पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की टेढ़ी निगाहें थी लेकिन वो भी इस रियासत का कुछ नहीं बिगाड़ सके। परिवार उनके हर दांव का डटकर मुकाबला करता रहा।

राणा हमीर सिंह ने सरेआम पाकिस्तान के इस्लामिक चरमपंथियों और नेताओं को ललकारा था कि अगर पाकिस्तान के हिन्दुओं से लड़ना है तो, युद्ध के मैदान में आओ और अपनी गीदड़ भभकियां अपने पास रखो।

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2015 में जब राणा हमीर सिंह अपने बेटे करणी सिंह की शादी में भारत आए थे तब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ की थी। हमीर सिंह ने कहा था कि ताली एक हाथ से नहीं बज सकती। दोनों देश लड़ेंगे तो तीसरा देश फायदा उठाएगा। दोनों देशों को दोस्ती से साथ बैठकर समस्या का हल निकालना चाहिए।

आपको बता दें कि उमरकोट का इतिहास काफी पुराना है। उमरकोट में 1540 में शेरशाह सूरी से हारकर हुमायुं ने शरण ली थी, शहंशाह अकबर का जन्म उमरकोट के किले में हुआ था।

देखिये हमीर सिंह का वीडियो


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