नेशनल

इस दिवाली दिल्ली-NCR में नहीं फूटेंगे पटाखे, सुप्रीम कोर्ट ने बैन को रखा बरकरार

ललिता सेन, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
123
| अक्टूबर 9 , 2017 , 13:28 IST | नई दिल्ली

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को अपने फैसले में दिवाली के दौरान दिल्ली और एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री और भंडारण पर रोक लगाने वाले नवंबर 2016 के आदेश को बरकार रखते हुए यह फैसला सुनाया।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि पटाखों पर 1 नवंबर 2017 तक बैन बरकरार रहेगा। बता दें कि, कोर्ट ने 12 सितंबर के रोक के आदेश में संशोधन किया है। 1 नवंबर से पटाखे बिक सकेंगे।

न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए.के. सिकरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने फैसले को बरकरार रखते हुए कहा, "हमें कम से कम एक दिवाली पर पटाखे मुक्त त्योहार मनाकर देखना चाहिए।"

Supreme-court

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के लाइसेंस पर लगी रोक को अंतरिम रूप से हटाया है, क्योंकि कोर्ट ने कहा है दीपावली के बाद एयर क्वालिटी को देखते हुए मामले पर सुनवाई की जाएगी।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली- NCR में पटाखों की बिक्री पर लगी रोक कुछ शर्तों के साथ हटाई थी। कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली में पटाखों की बिक्री के लिए पुलिस की निगरानी ज्यादा से ज्यादा 500 अस्थाई लाइसेंस ही दिए जा सकेंगे। कोर्ट ने कहा है कि 2016 में दिए गए लाइसेंस में से 50 फीसदी को ही इस बार लाइसेंस दिया जाएगा।

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि लाइलेंस जोन के 100 मीटर के अंदर पटाखे नहीं जलाए जाएंगे। इसका मतलब है कि अस्पताल, अदालत, धार्मिक स्थल और स्कूल आदि के 100 मीटर के दायरे में पटाखे ना फोड़े जाएं। इसके अलावा कोर्ट ने पटाखे बनाने में लिथियम, लेड, पारा, एंटीमोनी और आर्सेनिक का इस्तेमाल ना करने के निर्देश दिए हैं।

Crakers

दिल्ली- NCR में अगले आदेश तक दूसरे राज्यों से पटाखे नहीं लाए जाएंगे क्योंकि यहां पहले से ही पटाखे मौजूद हैं। 50 लाख किलो पटाखेदिल्ली- NCR में इस दशहरे और दीपावली के लिए पर्याप्त से ज्यादा हैं। जिन लाइसेंस धारी दुकानदारों के पास पटाखे हैं वो अपना पटाखा बेच सकते हैं या दूसरे राज्यों में निर्यात कर सकते हैं।

गौरतलब है कि,11 नवंबर, 2016 को कोर्ट ने पटाखों के खिलाफ तीन बच्चों की याचिका पर ये फैसला सुनाया था। कोर्ट ने पहले ही संकेत दिया था कि दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर रोक लग सकती है। इसके साथ ही कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि 'CPCB तीन महीने में रिपोर्ट दाखिल कर बताए कि पटाखों में किस तरह की सामग्री इस्तेमाल किया जा रहा है।


कमेंट करें