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आधार कार्ड पर सुप्रीम कोर्ट ने की टिप्पणी, कहा जो आधार कार्ड न बनवाए वो अपराधी नहीं

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 3 , 2017 , 19:56 IST | नई दिल्ली

आधार कार्ड को इनकम टैक्स से जोड़ने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि आधार कार्ड जरूरी है और जो लोग जानबूझकर आधार नहीं बनवा रहे वो एक तरह से अपराध कर रहे हैं। मगर केंद्र सरकार पर टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, आप यह नहीं कह सकते है कि जिन लोगों ने आधार नहीं बनवाया वो अपराध कर रहे हैं। असलियत में वो आधार कानून को चुनौती दे रहे हैं और कोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई चल रही है।

आधार कार्ड डाटा लीक हो जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सवाल किए, जिसके जवाब में सरकार ने कहा कि, यह डाटा UIDAI से लीक नहीं हुआ बल्कि दूसरे सरकारी विभागों से लीक हुआ है, जिन्हें आधार डाटा को पारदर्शी और सुरक्षित रखने में दिक्कत हो रही है।

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इसके साथ ही केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि आधार डाटा पूरी तरह से महफूज है, क्योंकि इसे UIDAI ने आईटी एक्ट के तहत क्रिटिकल इंफास्ट्रक्चर की श्रेणी में रखा है। केंद्र सरकार ने आगे कहा कि, कोई भी टेक्नोलॉजी 100 प्रतिशत सुरक्षित नहीं होती है।

याचिकाकर्ता ने न्यायालय से कहा कि एक ओर UIDAI कहता है कि आधार स्वैच्छिक है वहीं दूसरी ओर अर्टानी जनरल कहते है कि आधार अनिवार्य है। हम नहीं चाहते कि कोई हम पर 24 घंटे नजर रखे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अर्टानी जनरल ने कहा था कि आधार कार्ड स्वैच्छिक नहीं बल्कि अनिवार्य है। इतना ही नहीं केंद्र सरकार आधार कार्ड को किसी भी योजना में लागू कर सकती है।

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अर्टानी जनरल रोहतगी ने कहा कि आधार एक्ट के सेक्शन 7 में यह साफ है कि आधार विभिन्न कामों के लिए अनिवार्य है, मगर याचिकाकर्ता इसे समझ नहीं रहे। आधार कार्ड पहचान रूपी फ्राड से बचने के लिए है। ये आधुनिक तरीका है जिसमें फ्रिंगर प्रिंट और आईआरआईएस ली जाती है। इतना ही नहीं डाटा सुरक्षित तरीके से स्टोर किया जाता है। बता दें कि देशभर में 113.7 करोड़ लोगों ने आधार कार्ड बनवाए हैं। फिलहाल अगली सुनवाई गुरूवार को होगी।


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