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हरीश चंद्र गुप्ता ने किसी की तरफदारी नहीं की- डी के गर्ग

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 27 , 2017 , 18:14 IST | नई दिल्ली

पूर्व कोयला सचिव हरीश चंद्र गुप्ता को कोल ब्लॉक मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत जो दो साल की सजा सुनाई है उससे देश की नौकरशाही को बहुत बड़ा झटका लगा है। हरीश चंद्र गुप्ता पर इस मामले में न तो सीधा पैसे लेने का कोई आरोप है और न ही किसी की तरफदारी करने का।

 

उक्त बातें सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील डी के गर्ग ने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया के साथ खास बातचीत के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि हरीश चंद्र गुप्ता ने अपने विवेक से फैसला लिया था। अगर कोर्ट नौकरशाह को स्वविवेक से फैसले लेने से मना करती है तो फिर देश में विकास के कार्य बाधित होंगे।

उन्होंने पूर्व कोयला सचिव हरीश चंद्र गुप्ता की सजा पर सवाल दागते कहा कि,

जब उन पर किसी की तरफदारी का कोई सीधा आरोप साबित नहीं होता है तो फिर उन पर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट (धारा 120बी) के तहत मामला कैसे बनता है

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील डी के गर्ग ने कोल ब्लॉक आवंटन के एक मामले में सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा पूर्व कोयला सचिव हरीश चंद्र गुप्ता और मंत्रालय के दो पूर्व अधिकारियों को दो-दो साल की सजा सुनाए जाने की प्रक्रिया पर अपनी राय जाहिर करते हुए कहा कि यह फैसला नौकरशाही के मंसूबों को धक्का पहुंचाने का काम करेगा।

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बता दें कि बीते 22 मई को दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत ने कमल स्पॉन्ज एंड स्टील पावर लिमिटेड को कोल ब्लॉक आवंटित करने के मामले में हरीश चंद्र गुप्ता को दो साल की सजा सुनाई है। साल 2008 में मध्य प्रदेश में थेसगोड़ा-बी रूद्रपुरी कोयला ब्लॉक का आवंटन कमल स्पॉंन्ज एंड स्टील पावर लिमिटेड (केएसएसपीएल) कंपनी को किया गया था। सीबीआई ने आरोप लगाया कि कंपनी ने अपनी नेट वर्थ और मौजूदा क्षमता को गलत बताया।

Disclaimer: इस स्टोरी में प्रकाशित सभी तथ्य और बातें सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील डी के गर्ग से की गई बातचीत और जानकारी पर आधारित है।

सुनिए डी के गर्ग के साथ बातचीत


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