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सरकार को पशु ब्रिकी बैन पर करारा झटका, SC ने अधिसूचना पर लगाई रोक

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 1 , 1970 , 05:30 IST | नई दिल्ली

वध के लिए पशुओं की खरीद-फरोख्त के फैसले पर केंद्र सरकार को करारा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की इस अधिसूचना पर रोक बरकरार रखी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच का फैसला अगली सुनवाई तक जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के ऐतराज के बाद सरकार भी नियम में बदलाव करने को तैयार हो गई है।

केंद्र सरकार ने बूचड़खानों के लिए पशु बिक्री पर रोक लगाई थी

30 मई को मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने भी केंद्र सरकार के पशुओं की बिक्री संबंधी नए नियम पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा था। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पशु बाजार में बूचड़खानों के लिए जानवरों को खरीदने और बेचने पर रोक लगा दी थी। इसका केरल और तमिलनाडु में भारी विरोध हुआ।

Cattle

सरकार ने पशु क्रूरता का दिया था हवाला

अप्रैल 2017 में पर्यावरण मंत्रालय ने 'द प्रिवेंशन ऑफ क्रुएलिटी टू एनिमल्स (रेगुलेशन ऑफ लाइवस्टॉक मार्केट्स) नियम 2017' को नोटिफाई किया था। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि नए नियम बहुत साफ हैं और इसका उद्देश्य पशु बाजारों और गोवंशीय पशुओं की बिक्री को रेगुलेट करना है। साथ ही जानवरों के खिलाफ क्रूरता को रोकना है। इस नियम में बैल, गाय, सांड़, भैंस, बछिया, बछड़े और ऊंट जैसे जानवर शामिल हैं।

कई राज्यों ने पशु बिक्री के रोक का किया था विरोध

बूचड़खानों के लिए पशुओं की बिक्री पर बैन के बाद खूब विवाद मचा। केरल, मद्रास और पश्चिम बंगाल में तो बकायदा विरोध प्रदर्शन हुए और कई जगह बीफ फेस्ट का आयोजन भी किया गया। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इसका विरोध किया। इनका कहना था किसे क्या खाना चाहिए, ये सरकार को नहीं तय करना चाहिए।

 


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