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SC ने कहा- ट्रिपल तलाक की होगी समीक्षा, पीठ देखेगी कि यह इस्‍लाम का मूल हिस्‍सा है या नहीं

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 11 , 2017 , 12:20 IST | नयी दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को पांच जजों के संवैधनिक बेंच ने तीन तलाक पर सुनवाई शुरू की। चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता में बेंच ने साफ कहा कि वह सिर्फ तीन तलाक पर ही सुनवाई करेगी, बहु विवाह पर कोई बात नहीं होगी लेकिन हलाला पर सुनवाई की जा सकती है। मामले में चीफ जस्टिस ने कहा कि क्या तीन तलाक धर्म का हिस्सा है, अगर ऐसा है तो इसमें दखल नहीं देंगे।

 

संविधान पीठ की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश जे.एस. केहर करेंगे, जबकि इसमें चार अन्य न्यायाधीश हैं- न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ, न्यायमूर्ति रोहिंगटन एफ नरीमन, न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर। क्रमश: सिख, ईसाई, पारसी, हिन्दू और मुस्लिम समुदायों के एक-एक न्यायाधीश को संविधान पीठ में शामिल करके न्यायालय ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि इस मामले में किसी भी अंतिम फैसले पर धर्म के आधार पर सवाल न खड़े किए जाएं। मामले की सुनवाई साढ़े दस बजे से शुरू होगी।

 

इस मामले में सुनवाई और भी महत्वपूर्ण इसलिए हो गई है क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही अपने एक फैसले में तीन तलाक की प्रथा को एकतरफा और कानून की दृष्टि से गलत बताया था। हाईकोर्ट ने अकील जमील की याचिका खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया था। अकील की पत्नी ने उसके खिलाफ आपराधिक शिकायत दायर करके आरोप लगया कि वह दहेज की खातिर उसे यातना देता था और जब उसकी मांग पूरी नहीं हुई तो उसने उसे तीन तलाक दे दिया।


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