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SC ने NEET के नतीजे जारी करने के दिए आदेश, मद्रास HC ने लगाई थी रोक

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 12 , 2017 , 14:49 IST | नई दिल्ली

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के नतीजे पर लगी रोक पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने रिजल्ट जारी करने के आदेश दिए है। बता दें कि पहले मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने 8 जून को घोषित होने वाले रिजल्ट पर रोक लगा दी थी। इसके बाद सीबीएसई (CBSE) ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इस रोक का असर 12 लाख कैंडिडेंट्स पर पड़ा था।

10.5 लाख छात्रों ने दिया था एक्जाम

करीब साढ़े दस लाख छात्र और छात्राओं ने हिंदी और अंग्रेजी विषय में यह एग्जाम दिया है। वहीं करीब डेढ़ लाख परीक्षार्थी क्षेत्रीय भाषा के जरिए इसमें शामिल हुए थे।

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एक समान प्रश्न पत्र नहीं होने पर कोर्ट पहुंचा था मामला

दरअसल आरोप है कि NEET में सभी भाषाओं में प्रश्न पत्र एक जैसा नहीं था। इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच में एक अपील दायर की गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 24 मई को नतीजे घोषित करने पर रोक लगा दी थी। बता दें कि ऐसी ही एक पिटीशन गुजरात हाईकोर्ट में भी लगाई गई है।

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क्या है पूरा मामला

इस साल नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्‍ट हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 8 भाषाओं में हुआ था। जिसमें असमी, बांग्ला, गुजराती, मराठी, कन्‍नड़, ओड़िया, तमिल और तेलुगू शामिल हैं। मदुरै बेंच में दायर की गई अपील में कहा गया कि क्षेत्रीय भाषाओं में पूछे गए सवाल अंग्रेजी भाषा में पूछे गए सवालों के मुकाबले आसान थे।

वहीं, गुजरात हाईकोर्ट में एक पिटीशन दाखिल कर कहा गया था कि गुजराती में पूछे गए सवाल अंग्रेजी के मुकाबले मुश्किल थे।

उधर, सीबीएसई ने इस मामले में कहा था कि सभी पेपरों को मॉडरेटरों ने तय करके एक ही लेवल का निकाला था। बोर्ड का कहना है कि सभी लैंग्वेज में पेपर का डिफिकल्टी लेवल एक जैसा ही था।

NEET एग्जाम के क्या हैं फायदे

NEET के जरिए मेडिकल और डेंटल कॉलेज में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सेस में एंट्रेस मिलता है। इसके अलावा उन कॉलेजों में भी एंट्री मिलती है, जो मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया और डेटल कांउसिल ऑफ इंडिया के तहत मान्यता प्राप्त होते हैं।

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