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सुषमा ने चीन को दिया दो टूक जवाब, कहा- पहले हटाओ अपनी सेना, तभी पीछे हटेगा भारत

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 20 , 2017 , 15:10 IST | नयी दिल्ली

संसद में गुरुवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन मामले पर जानकारी दी। सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि भारत को किन परिस्थितियों में सीमा पर चीन के खिलाफ सख्त रुख अपनाना पड़ा था।

सुषमा स्वराज ने संसद में कहा,

यह कहना कि समुद्र में चीन की गतिविधियों से भारत घेरा जा रहा है, मैं यह कहना चाहूंगी कि भारत अपनी सुरक्षा के बारे में बहुत चौकन्ना है। बहुत सतर्क है। इसलिए कोई उसे घेर नहीं सकता

संसद में विदेश मंत्री से पहला सवाल कांग्रेस सांसद छाया वर्मा ने पूछा। छाया ने पूछा कि क्या चीन ने हिंद महासागर में अपनी पनडुब्बियों को तैनात किया है और क्या वह भारत की घेराबंदी कर रहा है? इस मामले में सरकार क्या कर रही है? सुषमा ने हिंद महासागर में चीन के भारत को घेरने पर कहा कि ऐसी खबरें आई थीं कि चीन समुद्री ताकत बनना चाहता है। इसके लिए उसने समुद्री सीमाओं के आसपास सक्रियता बढ़ाई है, लेकिन भारत अपनी सुरक्षा के बारे में बहुत चौकन्ना है, इसलिए उसे कोई घेर नहीं सकता।

सुषमा ने बताया कि भारत की स्थिति दक्षिण चीन सागर के बारे में बिल्कुल साफ है। वहां फ्रीडम ऑफ नेविगशन होनी चाहिए। किसी तरह से व्यापार को बाधित नहीं बनाना चाहिए। आपको बता दें कि महीने भर से ज्यादा वक्त से डोकलाम में भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं। इस मामले का अभी तक कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा।

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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत और चीन के अलावा चीन और भूटान के बीच सीमा तय होनी है। भारत ने इस मामले के हल के लिए प्रतिनिधि तय किए हैं। विदेश मंत्री के मुताबिक, सीमा तय किए जाने का मामला देशों को आपस में सुलझाना होता है, लेकिन एक जगह ऐसी थी, जिसे ट्राईजंक्शन कहते हैं। इसे लेकर 2012 में समझौता हुआ था कि भारत, चीन और थर्ड कंट्री यानी कि भूटान मिलकर सीमा तय करेंगे। विदेश मंत्री के मुताबिक, इसके बाद, चीन बीच-बीच में इस क्षेत्र में आता रहा और उसकी हल्की-फुल्की गतिविधियां जारी रहीं। हालांकि, इस बार चीनी सेना बुलडोजर और भारी साजो-सामान लेकर पहुंच गई।

सुषमा स्वराज ने कहा कि चीन की मांग है कि ट्राई जंक्शन प्वाइंट से हम अपनी सेना हटाएं, जबकि इस मुद्दे पर हमारा कहना है कि बातचीत हो और दोनों देश अपनी सीमाएं हटाएं। इस मुद्दे पर दूसरे देश भी भारत के साथ हैं।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान एच1बी वीजा को लेकर सुषमा स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप के साथ व्यापक चर्चा हुई थी, हालांकि इस दौरान एच1बी वीजा शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से कहा कि भारतीय प्रोफेशनल्स का अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर खासा योगदान है। 


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